पंजाब पुलिस का मानवीय चेहरा सामने लाने के लाख प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन यदि मानवाधिकारों की आंकड़ों में बात बात की जाए तो पुलिस खलनायक लग रही है।
पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग में ही पंजाब पुलिस के खिलाफ प्रतिदिन दो दर्जन से ज्यादा शिकायतें मानवाधिकार उल्लंघन की आ रहीं हैं। यह शिकायतें अन्य सभी शिकायतों का 55 फीसदी हिस्सा हैं।
पंजाब मानव अधिकार आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आयोग के 1997 में स्थापित किए जाने से लेकर 30 नवंबर 2013 तक पुलिस के खिलाफ 1,11,336 शिकायतें आ चुकी हैं।
यह कुल शिकायतों का 55 फीसदी हिस्सा है। शिकायतें बढ़ती भी जा रही हैं क्योंकि औसतन शिकायतें प्रति दिन 17 दर्ज होती रही हैं और अब 2012 में पुलिस के खिलाफ 9645 शिकायतें आई थीं, जो 26 शिकायतें रोजाना की हैं।
साल 2013 में मानव अधिकार आयोग के पास 30 नवंबर तक कुल 15151 शिकायतें दर्ज हुई हैं।
इस तरह प्रतिदिन का हिसाब लगाया जाए तो कुल 45 शिकायतें प्रतिदिन दर्ज हुई हैं।
इनमें से 8470 शिकायतें पुलिस के खिलाफ हैं और रोजाना शिकायतों की औसतन 25 बनती है।
हालांकि शिकायतें केवल पंजाब राज्य मानव अधिकार आयोग के पास वाली हैं।
इसके बिना भी कई मंचों पर ऐसी शिकायतें की जाती हैं। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ बहुत से मुकदमे विभिन्न अदालतों में भी चल रहे हैं।
बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर 181 नंबर जारी
पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने अगस्त महीने में ही पुलिस के खिलाफ शिकायत के लिए 181 नंबर जारी किया है।
इस पर प्रतिदिन अलग से बहुत शिकायतें आ रही हैं। इस नंबर पर मिली शिकायत पर संबंधित एसएसपी को रिपोर्ट देनी होती है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगले दिनों में पुलिस के खिलाफ शिकायतें और भी बढ़ सकती हैं क्योंकि 181 पर की काल को शिकायत के रूप मे दर्ज कर लिया जाता है।
असल में देखने की बात यह है कि 181 के आने के बाद क्या मानव अधिकार आयोग के पास आने वाली शिकायतों में कमी आएगी या नहीं?
2007 से नवंबर 2013 तक मानव अधिकार आयोग को मिलीं शिकायतें
साल शिकायतों की संख्या पुलिस के खिलाफ शिकायतें
2007 15800 9410
2008 15400 9026
2009 16755 8905
2010 19266 10338
2011 16321 8562
2012 18322 9825
2013 15151 8470