बठिंडा के गांव बुर्ज मानशाहिया में सरपंच पद की मतगणना के दौरान हंगामा हो गया। लोगों ने पोलिंग स्टाफ को ही बंधक बना दिया। लगभग एक घंटे तक हंगामा चलने के बाद कांग्रेस प्रत्याशी को नौ वोटों से विजयी घोषित किया गया।
पंजाब के बठिंडा में खूब बवाल हुआ। बठिंडा के गांव बुर्ज मानशाहिया में मंगलवार रात को ग्रामीणों ने पोलिंग स्टाफ को बंधक बना लिया। पोलिंग स्टाफ को मतदान केंद्र के अंदर बंधक बनाकर रखा गया। लोगों ने इमारत के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और खुद गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
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गांव में सरपंच पद पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। कांग्रेस उम्मीदवार ने पोलिंग स्टाफ पर धांधली का आरोप लगाया है। वहीं, सैकड़ों ग्रामीणों ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में जिला प्रशासन के खिलाफ धरना देते हुए चुनाव मतदान प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
पोलिंग स्टाफ को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही थाना सदर रामपुरा की पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं बठिंडा के डिप्टी कमिशनर कम जिला चुनाव अधिकारी शौकत अहमद का कहना था कि वो उक्त पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। दूसरी तरफ पोलिंग स्टाफ को आजाद करवाने के लिए पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच चुकी है।
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गांव बुर्ज मानशाहिया से सरपंच पद के कांग्रेस के प्रत्याशी हरलाल सिंह लाली ने बताया कि मतगणना के दौरान वह 9 मतों से चुनाव जीत कर सरपंच बन रहे हैं। पोलिंग स्टाफ उनको विजय घोषित करने का एलान नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोलिंग स्टाफ जानबूझकर नतीजे घोषित नहीं कर रहा। राजनीतिक दवाब में पोलिंग स्टाफ आप प्रत्याशी को जिताना चाहता है। जब गांव के लोगों को इसका पता चला तो गुस्साए ग्रामीणों ने पोलिंग बूथ की इमारत के मुख्य गेट को ताला लगा दिया। पोलिंग स्टाफ द्वारा मतों की गिनती की जा रही थी।
हरलाल सिंह ने चेतावनी दी कि अगर जिला प्रशासन ने सही नतीजे का एलान न किया तो पूरा गांव रातभर धरना लगाकर बैठा रहेगा। इसके लिए चाहे उनको कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े
इस हंगामे के एक घंटे बाद चुनाव नतीजों की घोषणा की गई। जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी हरलाल सिंह लाली को 9 वोटों से जीत मिली है। सरपंच चुनाव के नतीजे के बाद ग्रामीणों ने पोलिंग स्टाफ को भी मतदान केंद्र से बाहर निकाल दिया है। डिप्टी कमिशनर शौकत अहमद परे ने इसकी पुष्टि की है।