पंजाब सरकार ने चुनाव आयोग से सिफारिश की है कि प्रदेश में लोकसभा चुनाव एक ही चरण में कराए जाएं। इसके साथ ही यह चुनाव मई में कराए जाने का प्रपोजल भी आयोग को दिया है।
पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों की आयोग के साथ हुई बैठक के दौरान यह प्रपोजल दिया गया। प्रपोजल में कहा गया है कि एक ही चरण में चुनाव कराने से संवेदनशीलता का अतिरिक्त बोझ पुलिस व प्रशासन पर नहीं पड़ेगा।
चुनाव दो चरण में होने पर नेताओं व कार्यकर्ताओं का एक सीट से दूसरी सीट पर जाकर काम करने से क्षेत्रों में स्थिति संवेदनशील बन जाती है।
इसलिए चुनाव एक ही चरण में कराए जाएं। पिछले आम चुनाव में पंजाब की 13 सीटों पर वोटिंग दो चरणों में हुई थी।
इसके साथ ही चुनाव आयोग से कहा गया है कि प्रदेश में गेहूं की कटाई अप्रैल महीने में होती है तथा माह के अंत तक चलती है।
इसलिए प्रदेश में मतदान इसके बाद ही कराया जाए। प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी वीके सिंह ने इस बारे में कहा है कि प्रपोजल पर अंतिम निर्णय आयोग को लेना है। उनकी तरफ से चुनावी तैयारियां जारी हैं।
चुनावी वादों पर नजर
चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक ड्यूटी पर तैनात अधिकारी उम्मीदवारों के वादों पर भी नजर रखेंगे। आयोग की ओर से उम्मीदवारों और पार्टियों को कहा गया है कि वह वही वादे करें, जो पूरे हो सकते हैं।