प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने एनफोर्समेंट डायरेक्ट्रेट ने
कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ का स्वागत किया है।
बाजवा ने कहा कि ईडी की ओर से अकाली नेताओं से पूछताछ का कदम कांग्रेस के आरोपों को साबित करता है। कांग्रेस शुरू से कह रही है कि सीनियर अकाली मंत्री व उनके परिजन ड्रग रैकेट में सीधे जुड़े हुए हैं।
उन्होंने तुरंत मजीठिया को गिरफ्तार करने और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। बाजवा ने कहा कि ईडी को दिए बयान में मुख्य आरोपी जगदीश भोला ने एक बार फिर मजीठिया और जेलमंत्री स्वरन सिंह फिल्लौर के बेटे दमनजीत सिंह का नाम लिया है।
मीडिया से बातचीत में पहले भी वह मजीठिया का नाम ले चुका है। भोला की निशानदेही पर ही जगजीत चाहल व यूथ अकाली मनिंदर सिंह बिट्टू औलख को गिरफ्तार किया गया था। जो मजीठिया के करीबी हैं।
सियासी दबाव केकारण पंजाब पुलिस ने सही दिशा में जांच नहीं की। भोला के बयान से साफ है कि जगजीत चाहल ही मजीठिया के निर्देशों पर ड्रग सप्लाई करता था।
बाजवा ने कहा कि अगर कोई अकाली इसमें शामिल नहीं है तो बादल क्यों सीबीआई जांच का आदेश नहीं दे रहे।
कांग्रेसियों का विवाद सुलझाने आए बाजवा
चंडीगढ़। प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा के लिए दो कांग्रेसी नेताओं ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। प्रदेश प्रवक्ता सुखपाल खैरा और महासचिव राजनबीर सिंह के बीच ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित पत्र को लेकर हुए विवाद ने पार्टी में समस्या पैदा कर दी है।
दोनों ही नेता बाजवा गुट के हैं, इसलिए स्थिति गंभीर हो गई है। शुक्रवार को लोकसभा सेशन छोड़कर बाजवा कांग्रेस भवन पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक बाजवा ने कुछ खास लोगों के साथ मीटिंग की। जिसमें इन दोनों नेताओं के बीच विवाद को लेकर चर्चा हुई। उसके बाद बाजवा लौट गए।