पंजाब के लुधियाना में राहोंरोड की खस्ता हालत को देखते हुए इलाके के लोगों ने किसान यूनियन चढ़ूनी के पदाधिकारियों के साथ मिल शनिवार को पंजाब का सबसे महंगा लाडोवाल टोल प्लाजा बंद करवा दिया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए टोल प्लाजा पर वाहन रोक दिए।
इस कारण एक बार सभी लोग हरकत में आ गए कि आखिर हुआ क्या है। टोल प्लाजा के मुलाजिमों और पदाधिकारियों ने किसानों और राहोंरोड इलाके के लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने तीन घंटे तक हर वाहन को टोल प्लाजा से फ्री में निकाला।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने इलाका विधायक को चेतावनी दी कि अगर उनकी सड़क का निर्माण जल्द नहीं हुआ तो संघर्ष को और भी तेज किया जाएगा। किसान नेता अमरीक सिंह सीकरी ने बताया कि भाकियू चढ़ूनी और राहोंरोड संघर्ष यूनियन की तरफ से पहले भी टोल प्लाजा पर धरना दिया गया था।
उस समय भी आश्वासन मिला था कि जल्द ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा ताकि लोगों की तकलीफें कम हों। मगर इलाका विधायक हरदीप सिंह मुंडिया इलाके में दौरे पर ही नहीं आए तो सड़क क्या ठीक होगी। पिछले काफी समय से सड़क ठीक नहीं होने के कारण प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा।
प्रदर्शनकारी सुबह करीब साढ़े 11 बजे लाडोवाल टोल प्लाजा के पास इकट्ठा हुए। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया और देखते ही देखते टोल प्लाजा के बूम बैरियर उठा दिए और लोगों को बिना टोल के ही निकालना शुरू कर दिया।
इस दौरान उन्होंने लाडोवाल टोल प्लाजा के कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया ताकि वह किसी के वाहन के पैसे न काटें। इसके बाद टोल प्लाजा के पदाधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर टोल प्लाजा से हटकर साइड पर प्रदर्शन करने को कहा तो प्रदर्शनकारी किसी भी हाल में नहीं माने। इसके बाद पुलिस भी वहां पहुंच गई।
पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने बिना बात सुने प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राहोंरोड की हालत दयनीय है। उनका कहना है कि अगर वह रोड बन गया तो टोल की इनकम बंद हो जाएगी। जितनी पंचायत राहोंरोड के साथ लगती है वह सभी यहां मौजूद है। इस सड़क पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
2016 से राहोंरोड नहीं बन रहा। खराब हालत की वजह से आए दिन सड़क हादसों में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं। कई बार इसे लेकर प्रशासन को मांग पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन आज तक इसकी सुध किसी ने नहीं ली। अगर अब भी उनकी नहीं सुनी गई तो आगे प्रदर्शन और भी तेज किया जाएगा।