अकालियों ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस प्रधान प्रताप सिंह बाजवा पर जमकर
हमला बोला। उन्होंने कहा कि बाजवा ड्रग्स माफिया का सियासी चेहरा हैं। वह अपने सियासी संपर्क का प्रयोग करके जगदीश भोला को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा और बलविंदर सिंह भूंदड़, महासचिव महेश इंदर सिंह गरेवाल और विधायक डॉ. दलजीत चीमा ने प्रेस कांफ्रेंस में बाजवा के खिलाफ मोर्चा खोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम बेअंत सिंह की हत्या की साजिश में बाजवा के भाई फतेहजंग बाजवा से पूछताछ की गई।
केपीएस गिल की हत्या की साजिश और गुजरात के कॉल गर्ल रैकेट में शमूलियत, जमीनों पर कब्जे, सरकारी घोटाले, ड्रग तस्करों की हिमायत जैसे आरोप बाजवा परिवार पर लगते रहे हैं। पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पत्र के मुताबिक बाजवा के आतंकियों से संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि भोला को पहली बार 2001 में पंजाब पुलिस ने पकड़ा। पर 2002 में कांग्रेस आई और बाजवा ताकतवर मंत्री बने। जिसके बाद भोला को रिहा कर दिया गया। उसी साल भोला को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाजवा सीबीआई जांच की मांग इसलिए कर रहे हैं ताकि सीबीआई का इस्तेमाल कर भोला को फिर बचा सकें। उन्हें डर है कि भोला की जांच की आंच उन तक भी पहुंच सकती है।
पंजाब पुलिस के साथ चार केंद्रीय एजेंसियों की जांच में किसी अकाली का नाम नहीं आया तो भोला ने बाजवा के इशारे पर बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम ले लिया। अकाली नेताओं ने कहा कि उनके कार्यकाल में नशों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई है, आंकड़े उसका गवाह हैं।
कार्यकाल ------ 2002-06 --- 2007-12 --2012-13
परचे दर्ज -------19501 -----26560 ---- 24874
गिरफ्तारियां ------ 22938 ----30442 ----28536
हेरोइन जब्त (किलो) - 111 ----- 848 ----- 695
हेरोइन जब्त प्रतिवर्ष -- 22 ------ 170 ----- 347