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सुल्तानपुर लोधी पहुंचे नवजोत सिद्धू: फिर कसा चन्नी सरकार पर तंज, कहा-हमें लोगों को लॉलीपॉप नहीं देने चाहिए 

Fri, 19 Nov 2021 06:24 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी/कपूरथला (पंजाब)

सार

नवजोत सिद्धू ने कहा कि हमें गुरु साहिब के ‘तेरा-तेरा’ फलसफे पर चलना चाहिए। जबकि मौजूदा सियासत ‘मेरा मेरा’ वाली हो गई है। सूबे में से हर तरह के माफिया का अंत होना चाहिए।
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गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्तक हुए नवजोत सिद्धू। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू चन्नी सरकार पर किसी भी प्लेटफार्म से तंज कसने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। श्री गुरु नानक देव जी के 552वें प्रकाश पर्व पर ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री बेर साहिब में नतमस्तक होने के बाद सिद्धू ने गुरुपर्व की बधाई देते हुए केंद्र सरकार की ओर से कृषि कानून वापस लेने के फैसले को किसान आंदोलन की जीत का शुभ संकेत बताते हुए इसे सिर्फ और सिर्फ संयुक्त मोर्चा और किसान की जीत बताया। वहीं एक बार फिर चन्नी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि हमें लोगों को लॉलीपाप नहीं देने चाहिए। सियासत में शुद्ध किरदारों की बहुत जरूरत है। नवजोत सिद्धू ने इस दौरान कहा कि हमें गुरु साहिब के ‘तेरा-तेरा’ फलसफे पर चलना चाहिए। जबकि मौजूदा सियासत ‘मेरा मेरा’ वाली हो गई है। सिद्धू ने कहा कि सूबे में से हर तरह के माफिया का अंत होना चाहिए।

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सुल्तानपुर लोधी विधानसभा सीट से राणा गुरजीत के बेटे को टिकट को लेकर फंसे पेच पर सिद्धू ने कहा कि राजनीति में ऊंचे और शुद्ध (सुच्चे) किरदारों की जरूरत है और वह अब अगली बार नवतेज चीमा के मंत्री बनने पर ही दोबारा गुरु नगरी आएंगे। उधर, विधायक नवतेज सिंह चीमा ने गुरुपर्व की बधाई देते हुए कहा कि इस खास दिन पर केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों का रद्द करने का एलान किया है, लेकिन यदि केंद्र सरकार इस गलती को पहले सुधार लेती तो 700 से ज्यादा किसान शहीद न होते। 

उन्होंने कहा कि आज के पवित्र दिन राजनीति नहीं करनी चाहिए, लेकिन केंद्र सरकार पंजाब में चुनाव के दौरान सियासी लाभ लेने के लिए ऐसे एलान कर रही है, परंतु अब लोग इस राजनीतिक ड्रामे को सिरे से नकार देंगे। चीमा ने कहा कि यदि अपनी गलती का एहसास हो ही गया है तो पंजाब सरकार की तर्ज पर केंद्र भी 700 शहीद किसानों के पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आते हुए सहायता राशि व सरकारी नौकरी देकर उन्हें श्रद्धांजलि दे और परिवार से हमदर्दी प्रकट करे।

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