पंजाब में प्रदर्शन कर रहे ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के सदस्य।
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ठेका मुलाजिम संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने शुक्रवार को दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग पर खन्ना शहर (पंजाब) के पास प्रदर्शन शुरू किया था, जो रात में भी जारी रहा। प्रदर्शनकारी विभिन्न सरकारी विभागों में अनुबंध के आधार पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नौकरियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। विरोध कर रहे कर्मचारी अपने परिवार सहित सड़कों पर ही सोए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चों को लेकर पहुंचीं।
ठेका कर्मचारी संघर्ष मोर्चा पंजाब के बैनर तले ठेका मजदूरों ने शुक्रवार को खन्ना में स्थायी रोजगार की मांग को लेकर अमृतसर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग को दोनों तरफ से जाम कर सरकार के खिलाफ धरना शुरू किया था। प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। धरने की अगुवाई कर रहे वरिंदर सिंह मोमी ने बताया कि हाईवे के ऊपर धरना शुक्रवार दोपहर 12 बजे शुरू हुआ था। धरने में शामिल जगरूप सिंह, शेर सिंह खन्ना, गुरविंदर सिंह, शेर सिंह, बलिहार सिंह, वरिंदर सिंह, महिंदर सिंह ने बताया कि बार-बार रिमाइंडर देने पर भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया मजबूरन हमें यह कदम उठाना पड़ा।
जाम के कारण लोगों को आ रही समस्या पर मोमी ने कहा कि अगर सीएम बैठकें कर समस्या का हल कर देते तो आज यह जाम नहीं लगता। राहगीरों को होने वाली असुविधा के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 11 नवंबर को पंजाब प्रोटेक्शन एंड रेगुलराइजेशन ऑफ कॉन्ट्रैक्ट लॉ 2021 पारित किया है। यह सार्वजनिक सेवा संस्थानों के व्यावसायीकरण/निजीकरण को बढ़ावा देता है जबकि ठेका कर्मचारी कर्मचारियों के खिलाफ हैं। नेताओं ने मांग की कि सरकार बातचीत कर मांगों का तत्काल समाधान करे।
उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो 19 दिसंबर को बठिंडा में राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया जाएगा और आगामी विधानसभा चुनाव में मंत्रियों और विधायकों के घरों के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन (एकतां-उगराहां) के नेता सौदागर सिंह घुदानी और गुरदेव सिंह ने ठेका मजदूरों का समर्थन करते हुए पंजाब सरकार से फौरन कार्रवाई करने की अपील की।