सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के खिलाफ फैली हिंसक प्रदर्शन की आग ने शनिवार को पंजाब की आर्थिक राजधानी लुधियाना को भी अपनी चपेट में ले लिया। लुधियाना में उपद्रवियों ने रेलवे स्टेशन पर जमकर तोड़फोड़ की और पुलिस बल की आंखों के सामने सरकारी संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचाया। उपद्रवियों ने कई यात्रियों से मारपीट भी की, जिसके बाद यात्री अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते नजर आए।
लुधियाना स्टेशन पर हालात खराब होने के कारण एतिहात के तौर पर ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया गया। नई दिल्ली की तरफ से आ रही शताब्दी एक्सप्रेस को ढंडारी स्टेशन के पास रोका गया। वहीं अमतृसर और जम्मू की तरफ से रही ट्रेनें करीब आधे घंटे तक लाडोवाल, फिल्लौर और फगवाड़ा के पास खड़ी रहीं। अतिरिक्त पुलिस बल के आने और स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेनों को गंत्वय की ओर रवाना किया गया।
लुधियाना स्टेशन पर तोड़फोड़ करने वाले उपद्रवी किसी ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। वह ज्वलनशील सामग्री से लैंस होकर आए थे। उनकी मंशा ट्रेनों को निशाना बनाने की थी, लेकिन हमले के समय प्लेटफार्म खाली थे और कोई भी ट्रेन मौजूद नहीं थी। हमला होने के तुरंत बाद स्थानीय अधिकारियों ने समझदारी बरती और ट्रेनों को पीछे ही रूकवा दिया। ऐसे में उपद्रवी किसी ट्रेन को नुकसान नहीं पहुंचा सके और जाते जाते रोलिंग हट को आग के हवाले कर गए।
मुंह पर कपड़ा बांधे उपद्रवी अपने साथ लाठी डंडे और पेट्रोल लेकर एंट्री गेट के रास्ते ही स्टेशन परिसर में दाखिल हो गए और वहां पर तैनात पुलिस कर्मी उनको रोक नहीं पाए। उपद्रवियों की गिनती अधिक होने के कारण पुलिस कर्मी दहशत में आ गए और काफी देर तक मूकदर्शक बने रहे। जब तक अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस दौरान सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली आरपीएफ और जीआरपी भी हालात पर काबू पाने में पूरी तरह से असफल नजर आई।
अग्निपथ योजना के विरोध की आंच शनिवार को जालंधर भी पहुंच गई। अलग-अलग शहरों से आए हजारों युवाओं ने पीएपी चौक और नेशनल हाईवे पर प्रदर्शन किया, जिस कारण सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। हालांकि जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए कुछ ही देर बाद प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया।