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Punjab: दीनानगर आतंकी हमले के बलिदान हुए थे तीन होमगार्ड, नौ साल बाद राष्ट्रपति वीरता पदक, वादा अभी भी अधूरा

Sun, 14 Jul 2024 04:32 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट (पंजाब)

सार

आज से नौ साल पहले 27 जुलाई 2015 में पंजाब के दीनानगर में आतंकी हमला हुआ था। हमले में तीन होमगार्ड जवान बलिदान हुए थे। तीनों बलिदानी होमगार्ड जवानों को मरणोपरांत राष्ट्रपति वीरता पदक दिया गया है। 
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बलिदानी होमगार्ड बोध राज के परिजनों को राष्ट्रपति वीरता पदक भेंट किया। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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27 जुलाई 2015 को दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुए आतंकी हमले के दौरान बलिदान हुए होमगार्ड की नंबर एक बटालियन के जवान बोध राज निवासी गांव सैदीपुर, देस राज निवासी गांव जंगल व सुखदेव सिंह निवासी गांव अत्तेपुर की बहादुरी को देखते हुए राष्ट्रपति वीरता पदक गैलेंटरी अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह गौरवशाली सम्मान देने के लिए डिविजनल कमांडेंट जालंधर से डीआईजी चरणजीत सिंह व बटालियन कमांडेंट गुरदासपुर जसकरण सिंह विशेष तौर पर इन सब बलिदानी जवानों के घर पहुंचे। बलिदानी बोध राज की पत्नी सुदेश कुमारी, बेटा तरुणदीप सिंह, बेटी ज्योति व भाई सुबेदार राज कुमार, बलिदानी देसराज की पत्नी सुदेश कुमारी और बलिदानी सुखदेव सिंह की पत्नी चंदा को राष्ट्रपति का गृह रक्षक व नागरिक सुरक्षा वीरता पदक भेंट कर सम्मानित किया गया।

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इस अवसर पर बलिदानी सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर नवदीप कुमार, कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह, कंपनी कमांडर इंस्पेक्टर प्रभप्रताप सिंह, नंबरदार युवराज सिंह भी उपस्थित रहे। 

चुनौती था आतंकी हमला
परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र विक्की ने कहा कि नौ वर्ष  पहले दीनानगर पुलिस स्टेशन पर हुआ आतंकी हमला दीनानगर के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चुनौती था। हमारी पंजाब पुलिस व होमगार्ड के बहादुर जवानों ने इस चुनौती को स्वीकार कर बिना भारतीय सेना की मदद लिए पाक प्रशिक्षित खूंखार आतंकियों का मुकाबला करते हुए उन्हें मौत की नींद सुलाकर पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि उनके रहते हमारे देश की एकता व अखंडता को कोई भी दुश्मन भंग करने की जुर्रत नहीं कर सकता।
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वफा न हुए सरकार के वायदे
कुंवर रविंद्र विक्की ने कहा कि बलिदानी वीर बोध राज की शहादत के दूसरे दिन ही उस समय के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल बलिदानी परिवार के साथ संवेदना व्यक्त करने गांव सैदीपुर में उनके निवास स्थान पर पहुंचे थे। परिषद व परिवार की मांग पर उन्होंने एक महीने के अंदर गांव के सरकारी स्कूल का नाम बलिदानी के नाम पर रखने और एक यादगारी गेट बनाने की घोषणा की थी। अफसोस उनके बलिदान के नौ वर्षों बाद भी घोषणा को पूरी नहीं हुई। परिषद के प्रयासों से पूर्व विधायक जोगिंदर पाल ने निजी तौर पर गांव के प्रवेश द्वार पर एक यादगारी गेट का निर्माण करवाया था। उस गेट पर लगी प्रतिमा बलिदानी परिवार ने अपने खर्चे पर लगवाई। अन्य दोनों बलिदानी जवानों के परिवारों से भी यही वादा किया गया था। 

जवानों के बलिदान पर मान
बलिदानी जवानों की बटालियन के कमांडेंट जसकरण सिंह ने कहा कि होमगार्ड के जवान बोधराज, देस राज व सुखदेव सिंह ने फिदायीन आतंकियों से लोहा लेते हुए अपना बलिदान देकर परिवार के साथ-साथ बटालियन के गौरव को बढ़ाया है। उनपर हम सबको मान है और हमारे जवान इनके बलिदान से हमेशा प्रेरणा लेते रहेंगे। इस अवसर पर बटालियन से ही विजय कुमार, प्रद्दुमन सिंह व राज कुमार, सुरजीत सिंह, रमनदीप सिंह, तपस्वी सिंह, सर्वजीत सिंह आदि उपस्थित थे।

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