पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी (पीयू) की बिगड़ती वित्तीय स्थिति का मुद्दा वीसी प्रोफेसर अरविंद ने पंजाब सरकार के सामने उठाया है। वीसी ने चंडीगढ़ में वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा से मुलाकात की। उन्होंने यूनिवर्सिटी के लिए 20 करोड़ की मंथली ग्रांट शुरू करने और 150 करोड़ का कर्ज उतारने की मांग की है।
वित्तमंत्री ने वीसी को विश्वास दिलाया कि यूनिवर्सिटी को मौजूदा वित्तीय संकट से निकालने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। गौरतलब है कि पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने पीयू की साढ़े 9 करोड़ की मंथली ग्रांट बढ़ाकर 20 करोड़ करने के साथ यूनिवर्सिटी पर चढ़े 150 करोड़ के कर्ज को सरकार द्वारा टेकओवर करने का एलान किया था। अभी तक इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। इस कारण पीयू के पास पैसे की कमी के चलते अकसर मुलाजिमों को वेतन दो-दो महीने देरी से मिलता है।
वीसी ने वित्तमंत्री को बताया कि पीयू से जुड़े विभागों की नए सिरे से योजनाबंदी की जा रही है। इसके अलावा बहुत सारे प्रशासनिक सुधार भी लाए जा रहे हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों व अधिकारियों के कामकाज की प्रणाली में सुधार लाकर उन्हें ड्यूटी प्रति जवाबदेह बनाया जा रहा है। वीसी ने उन्हें यूनिवर्सिटी में नए बनाए गए दो केंद्रों बारे भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2021 में जाली बिलों के घपले की जांच कैसे आगे बढ़ रही है ।