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Patiala News: पंजाब में नहीं थम रहा पराली जलाने का सिलसिला, 26 नए मामले दर्ज

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मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 255 पहुंचा, अमृतसर का भी बढ़कर 151 हुआ, कुल मामले 155
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में पराली जलाने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। मंगलवार को 26 नए मामलों के साथ कुल संख्या 155 हो गई है। इसी बीच मंडी गोबिंदगढ़ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) एक बार फिर से खराब श्रेणी में पहुंच गया है। सोमवार को यहां का एक्यूआई 156 था, मंगलवार को बढ़कर 255 हो गया। अमृतसर का एक्यूआई 53 से बढ़कर 151 हो गया, वहीं बठिंडा का 63, जालंधर का 97, खन्ना का 76 व पटियाला का 82 दर्ज किया गया।
मंगलवार को पराली जलाने के 26 नए मामले आए, जिनमें सबसे अधिक तरनतारन में 11, अमृतसर में 5, फिरोजपुर में 4, गुरदासपुर, फाजिल्का में 1-1, जालंधर में दो, लुधियाना में 1, संगरूर में 1 मामला दर्ज किया गया। 15 सितंबर से लेकर अब तक पंजाब में पराली जलाने के कुल मामले बढ़कर 155 हो गए हैं। वहीं साल 2022 में इस समय अवधि में 192 और साल 2023 में पराली जलाने के 337 मामले हो गए थे। यहां खास बात यह है कि इस साल जहां पहले पराली जलाने के मामले साल 2023 के मुकाबले ज्यादा दर्ज किए जा रहे थे। वहीं अब बीते दो सालों की तुलना में कम हो गए हैं। पराली जलाने में जिला अमृतसर 80 मामलों के साथ पहले नंबर पर है। तरनतारन में 20, संगरूर व एसएएस में 5-5, पटियाला व रूपनगर में 1-1, एसबीएस नगर में भी 1, लुधियाना में 2, कपूरथला में 11, जालंधर में 7, गुरदासपुर में 8, फिरोजपुर में 11, फाजिल्का में 1, फरीदकोट में 1 मामला अब तक सामने आया है।
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52 किसानों पर 1.50 लाख का जुर्माना, रेड एंट्रियां बढ़कर 30 हुईं
पंजाब सरकार पराली जलाने को रोकने के लिए लगातार एक्शन मोड़ में है। जहां 52 किसानों पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। रेड एंट्रियां 28 से बढ़कर अब 30 हो गई हैं। 1.50 लाख रुपये के जुर्माने में से 1 लाख 15 हजार की वसूली भी कर ली गई है। फिलहाल अभी और किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से पांच किसानों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज की गई है। रेड एंट्री वाले किसान अब अपनी जमीन पर न लोन ले सकेंगे और न ही इसे गिरवी रख सकेंगे। रेड एंट्री वाले किसान खेती लोन भी नहीं ले सकेंगे।
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