ब्बर खालसा के कारकून आतंकी जगतार सिंह हवारा को रोपड़ की अदालत ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में दोष साबित न होने पर बरी कर दिया है। जिले की स्पेशल जज सुनीता कुमार शर्मा की अदालत में जगतार सिंह हवारा के मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की गई।
हवारा की तरफ से कोर्ट में एजवोकेट सरबजीत सिंह बैंस पेश हुए। श्री चमकौर साहिब के पुलिस स्टेशन में पुलिस ने 1988 के चौदह अगस्त को चमकौर साहिब के एतिहासिक गुरुद्वारा श्री कत्लगढ़ साहिब में ग्रंथी की हत्या के आरोप में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आईपीसी व टाडा एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया था।
बाद में पुलिस ने मामले में जगतार सिंह हवारा को गिरफ्तार किया था। हवारा की निशानदेही पर पुलिस ने बत्तीस बोर का डबल बैरल पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए थे।
तब पुलिस ने दावा किया था कि हवारा से की गई पूछताछ में उसने कबूल किया था कि उसने चमकौर साहिब में माणेमाजरा के पास एक पेड़ के नीचे पिस्तौल व कारतूस दबाए थे।
पुलिस ने ये हथियार बरामद करने का दावा किया था। इसके बाद पुलिस ने हवारा के खिलाफ तब 1988 में 9 अक्टूबर को आर्म्स एक्ट व टाडा एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
स्पेशल जज सुनीता कुमारी शर्मा की अदालत ने हवारा को सबूतों के अभाव में इस मामले से बरी कर दिया।