इस मौके पर अमर उजाला से बात करते जिला कांग्रेस कमेटी पटियाला शहरी प्रधान केके मल्होत्रा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को पार्टी हाईकमान द्वारा लिए फैसलों से काफी ठेस पहुंची थी। उन्हें जलील किया गया था, ऐसे में पार्टी छोड़ने का फैसला लेना स्वाभाविक है। निराशा के साथ सभी दुखी भी हैं, आगे की रणनीति के बारे में उन्होंने कहा कि जल्द ही मेयर, सभी ब्लाक प्रधानों, महिला कांग्रेस व यूथ कांग्रेस के ओहदेदारों साथ मिल कर बैठक की जाएगी। इस बैठक में विचार करके फैसला लिया जाएगा।
2017 में कैप्टन के नाम पर पंजाबियों ने डाली थी वोट
घन्नौर से कांग्रेस विधायक मदन लाल जलालपुर ने कहा कि वर्ष 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह के नाम पर पंजाब के लोगों ने वोट किया था। भले ही उनके साथ कुछ बातों को लेकर मतभेद रहे लेकिन उनके पंजाब व पंजाबियों के लिए किए कामों को भुलाया नहीं जा सकता। वह अपने में एक बड़े नेता हैं, जिनकी ऊंचाइयों तक पहुंचना मुश्किल है। पंजाब हमेशा कांग्रेस के लिए उनके योगदान को याद रखेगा।
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सभी के पसंदीदा नेता थे कैप्टन, बेहद निराशा हुई
पटियाला व्यापार बचाओ संघर्ष कमेटी के प्रधान राकेश गुप्ता ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह सभी के पसंदीदा नेता थे। उनके कांग्रेस छोड़ने से बेहद निराशा हुई है। उम्मीद है कि अब मुख्यमंत्री के तौर पर चरनजीत सिंह चन्नी व्यापारियों के हक में अच्छी नीतियां बनाकर उन्हें कुछ रियायतें देंगे, जिससे व्यापारी कोरोना के कारण हुए नुकसान की भरपाई कर सकें।