पंजाब सरकार के दावों के विपरीत 29 अक्तूबर को प्रदेश में एक ही दिन में पराली जलाने के 1898 मामले सामने आए, जिसने पिछले दो सालों का रिकार्ड तोड़ दिया। यही नहीं 15 सितंबर से लेकर शनिवार (29 अक्तूबर) तक पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों ने भी पिछले साल का रिकार्ड तोड़ दिया है।
पिछले साल जहां 15 सितंबर से लेकर 29 अक्तूबर तक पंजाब में पराली जलाने के 8856 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल अब तक कुल 12112 मामले सामने आ गए हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा हैं। खास तौर से दिवाली के दिन से पंजाब में पराली जलाने के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। माहिरों के मुताबिक धान की कटाई में तेजी के साथ पराली जलाने के मामले बढ़ रहे हैं।
प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 में 29 अक्तूबर के दिन ही पराली जलाने के 1541, तो साल 2021 में 1353 मामले सामने आए थे। जबकि इस साल 2022 में पिछले दो सालों का रिकार्ड तोड़ते हुए 29 अक्तूबर यानी शनिवार को पंजाब में पराली जलाने के 1898 मामले सामने आए। इनमें सबसे अधिक 286 मामले संगरूर जिले में सामने आए, जबकि दूसरे नंबर पर 268 मामलों के साथ पटियाला जिला रहा और वहीं तरनतारन में 192, फिरोजपुर में 104, लुधियाना में 105, बठिंडा में 108, बरनाला में 109, जालंधर व कपूरथला में 99-99 पराली जलाने के मामले पाए गए।
दिवाली के दिन से पंजाब में पराली जलाने के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। 24 अक्तूबर को जहां दिवाली के दिन पराली जलाने के 1019 मामले सामने आए, तो 25 अक्तूबर को 181, 26 अक्तूबर को 1238, 27 अक्तूबर को 1111, 28 अक्तूबर को 2067 पराली जलाने के मामले सामने आए थे।
2022 में 15 सितंबर से 29 अक्तूबर तक पराली जलाने में टाप जिले
जिले का नाम पराली जलाने के मामले
तरनतारन 2188
पटियाला 1327
अमृतसर 1296
संगरूर 1046
पंजाब में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी के साथ प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में पहुंच गया है। यहां गौरतलब है कि 200 से ऊपर का एक्यूआई रहने पर इसे खराब श्रेणी में माना जाता है।
शहर का नाम प्रदूषण का स्तर
अमृतसर 217
पटियाला 205
जालंधर 219
खन्ना 193