केजरीवाल ने आगे कहा कि अगर पंजाब के लोगों ने इन पार्टियों के हवाले पंजाब को छोड़ दिया तो सब बर्बाद हो जाएगा। ऐसे में पंजाब के तीन करोड़ आम आदमी को इकट्ठा होना पड़ेगा। अब वह ही पंजाब को बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता जनता के हाथों में देनी है। जनता निर्णय लेगी और सरकार उस मुताबिक काम करेगी।
सिद्धू व चन्नी को लोगों की चिंता नहीं, बस कुर्सी की पड़ी
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में चन्नी सरकार जैसी कमजोर सरकार नहीं आई, जो पंजाब में शांति बनाए रखने में असमर्थ रही है। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लोगों को चिंता नहीं है। वह दोनों तो आपस में सीएम की कुर्सी के लिए ही लड़ रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि आने वाले चुनाव में पंजाब के लोगों ने ऐसी सरकार का तख्त पलट देना है।
चंडीगढ़ के नतीजों से बुलंद दिखे हौसले
चंडीगढ़ नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी को मिली अप्रत्याशित जीत से आप नेताओं के हौसले बुलंद दिखे। भगवंत मान ने कहा कि चंडीगढ़ तो एक झांकी थी, अभी पूरी पिक्चर बाकी है। मान ने कहा कि पंजाब के लोग चिंता न करे, प्रदेश की भाईचारक सांझ और शांति खत्म नहीं होने देंगे। आप हर हाल में पंजाब के लोगों के साथ है और इस बार चुनावों में आप की सरकार ही बनेगी।
केजरीवाल के ‘शांति मार्च’ पर परगट ने किया तंज
पंजाब के उच्च शिक्षा, भाषा, शिक्षा और खेल मंत्री परगट सिंह ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पंजाब में ‘शांति मार्च’ निकालने की कड़ी आलोचना की है। अपने ट्विटर हैंडल पर परगट सिंह ने शुक्रवार को किए ट्वीट में कहा- भारत की दुराचार और हत्या की राजधानी दिल्ली में शांति यात्रा की जरूरत है। आप कहां थे जब 2020 में धार्मिक गुंडे दिल्ली में मासूमों की हत्या कर रहे थे? पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है और किसी भी सांप्रदायिक और जातिगत संघर्ष से मुक्त है। कृपया हमें अपनी नौटंकी से बख्श दें।’