जिले से सांसद डा. धर्मवीर गांधी ने सरकारी साकेत अस्पताल के नशा छुड़ाओ केंद्र से तीन नशेड़ियों के भागने और बाद में एक बस अगवा करने की घटना को लेकर अस्पताल स्टाफ की कार्यप्रणाली पर अंगुली उठाई है। डा. गांधी ने जारी एक बयान में प्रदेश में चल रहे नशा छुड़ाओ केंद्रों के कामकाज पर शंका जताई है।
उन्होंने कहा कि नशा छुड़ाओ केंद्रों के प्रति लापरवाही बरती जा रही है। इसकी वजह से इन केंद्रों की सुविधाएं घटिया स्तर की हैं। यह नशा छुड़ाओ केंद्र नशेड़ियों के परिवारों से लूट-खसोट के केंद्र बन गए हैं। इनमें इलाज कम और दवाएं बेचने का कारोबार ज्यादा चल रहा है। डा. गांधी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार यह मान ही नहीं रही है कि राज्य में नशे की समस्या है।
इस कारण इस समस्या को हल करने के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे हैं बल्कि सरकार की ओर से इस समस्या के होने से इंकार किया जा रहा है। डा. गांधी ने मांग की कि सरकार की ओर से राज्य में चल रहे सरकारी व प्राइवेट नशा छुड़ाओ केंद्रों की पांच सालों की कारगुजारी सार्वजनिक की जाए। डा. गांधी ने कहा कि नशेड़ियों को आरोपी बनाने की बजाय उनके साथ बीमार जैसा व्यवहार किया जाए। साथ ही नशा विरोधी कानून में संशोधन किया जाए।