नगर काउंसिल की बैठक में सत्ताधारी समर्थित पार्षदों ने शहर में हो रहे
अवैध कब्जों, निर्माण और सफाई की दयनीय हालत का मुद्दा उठाकर जमकर हंगामा
किया।
रोचक बात यह रही कि बैठक में कांग्रेस के पार्षद, अकाली दल के
काउंसिल अध्यक्ष का समर्थन करते प्रतीत हुए। यही नहीं 9 पार्षदों ने तो
बैठक से वाकआउट कर दिया। उनमें काउंसिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ऋषिपाल, अकाली
दल के पार्षद दर्शन सिंह मोरांवाली, मनजीत सिंह काका, यादविंदर निर्माण,
मनजीत कौर, नसीब कौर बोघा, विजयपाल गीतू, कांग्रेस के पार्षद डॉ. अमित
शर्मा शामिल हैं।
तीन पार्षद गैर हाजिर थे और 11 हाजिर रहे। उक्त
पार्षदों ने बैठक में आरोप लगाया कि शहर में काउंसिल की जमीन पर कब्जे थमने
का नाम नहीं ले रहे हैं। कब्जे करने वालों के हितों की रक्षा हो रही है।
पार्षदों ने कहा कि बिना नक्शा पारित करवाए शहर में धड़ल्ले से अवैध
निर्माण कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के नाम पर केवल
खानापूर्ति की जा रही है। शहर में सफाई प्रबंध पूरी तरह से चरमरा गए हैं।
उक्त मुद्दे उठाते ही बैठक में हंगामा शुरू हो गया।
उक्त 9 पार्षद
बैठक से वाकआउट कर चले गए। बाद में सत्ताधारी पार्षदों ने कहा कि जनहित के
मुद्दों को लेकर उन्होंने बैठक का बायकाट किया है। काउंसिल प्रशासन की ओर
से सत्ताधारी पार्षदों के वार्डों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पिछली दो
बैठकों में भी उक्त मुद्दे उठा चुके हैं।
काउंसिल अध्यक्ष भागीरथ
राय गोयल ने कहा कि कुछ पार्षद बैठक का बायकाट कर गए हैं। वहीं काउंसिल
पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है और नाजायज कब्जों के मामलों में ठोस
कार्रवाई की जा रही है। किसी भी अवैध कब्जे करने वाले को बख्शा नहीं जाएगा।