धान के सीजन के चलते प्रदेश में बिजली की मांग में बड़ा उछाल आया है। इसे पूरा करने के लिए पावरकॉम बाहर से रोजाना लाखों की बिजली खरीद रहा है जबकि पावरकॉम ने अपने थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट बंद किए हुए हैं। पावरकॉम के अधिकारियों का तर्क है कि बाहर से सस्ती बिजली मिल जाती है।
धान के सीजन के कारण पंजाब में बिजली की मांग में कुछ दिनों से 800 लाख यूनिट का इजाफा दर्ज किया जा रहा है। इससे पहले पंजाब में बिजली की मांग 1700 लाख यूनिट प्रतिदिन थी। तीन-चार दिन पहले तक बिजली की मांग 2300 लाख यूनिट के आसपास थी जो अब2500 लाख यूनिट तक पहुंच गई है। इस बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए पावरकॉम बाहर से बिजली खरीद रहा है। आंकड़ों के मुताबिक पावरकॉम ने बाहर से 248 लाख यूनिट बिजली खरीदी है।
खास बात यह है कि पावरकॉम लाखों रुपये खर्च करके बाहर से बिजली खरीद रहा है लेकिन लैस डिमांड की आड़ में अपने थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट बंद रखे हैं। इनमें बठिंडा के दो और रोपड़ थर्मल प्लांट का एक यूनिट शामिल है।
पावरकॉम के पीआरओ सुरजीत सिंह भट्टी का कहना है कि अपने थर्मल प्लांटों से प्रति यूनिट बिजली तीन रुपये 80 पैसे पड़ती है जबकि बाहर से बिजली दो रुपये प्रति यूनिट मिल जाती है। पावरकॉम चाहे किसानों को आठ घंटे दिन में बिजली की निर्विघ्न सप्लाई के दावे कर रहा है लेकिन किसानों को छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
पावरकॉम की रोजाना बिजली सप्लाई की स्थिति
सेंटर पूल---649 लाख यूनिट
थर्मल प्लांट-505 लाख यूनिट
हाईडिल प्रोजेक्ट से-155 लाख यूनिट
बीबीएमबी-166 लाख यूनिट
बाहर से खरीदी बिजली-248 लाख यूनिट
पराली से चलने वाले यूनिटों से-19 लाख यूनिट
बैंकिंग के तहत दूसरे राज्यों से-101 लाख यूनिट
तलवंडी साबो और राजपुरा थर्मल प्लांटों से-555 लाख यूनिट