पटियाला। पंजाब के थर्मल प्लांटों में सरकार व पावरकाम मैनेजमेंट के लगातार दावों के बावजूद कोयले का संकट बना है। लेकिन इस विकट समस्या के बीच पावरकाम ने मार्च 2022 के दौरान 8490 मेगावाट बिजली की अधिकतम मांग को पूरा किया है, जो मार्च 2021 में रही 7455 मेगावाट के मुकाबले 14 प्रतिशत अधिक है। पावरकाम ने मार्च 2022 के दूसरे मध्य दौरान 16869 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई की है, जो पिछले साल के दौरान 13452 लाख यूनिट की आपूर्ति के मुकाबले 25 प्रतिशत अधिक है।
पावरकाम के प्रवक्ता के मुताबिक पंजाब के थर्मल व हाइडल प्लांटों खास तौर से 110 मेगावाट के शानन हाइडल प्रोजेक्ट जोगिंदर नगर, जिसने मार्च 2022 के दौरान सबसे अधिक मासिक उत्पादन 471 लाख यूनिट किया। यह पिछले 24 वर्षों में एक माह में अब तक का सबसे अधिक उत्पादन है। मार्च 2022 के दौरान शानन में उत्पादन मार्च 2021 (118 लाख यूनिट) की तुलना में 300 प्रतिशत अधिक है।
साथ ही मार्च 2022 के दौरान पावरकाम ने बैंकिंग के लिए तमिलनाडु, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मध्यप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल राज्यों को सबसे अधिक 961 मेगावाट बिजली सप्लाई की, जो गत वर्ष के 701 मेगावाट से अधिक 37 प्रतिशत अधिक बैंकिंग है। बदले में धान की रोपाई के दौरान 2300 मेगावाट तक की बिजली वापस मिलेगी।
मार्च 2022 दौरान रोजाना औसत मांग 7400 मेगावाट दर्ज की गई। पिछले साल यह मांग 6300 मेगावाट रही थी। आने वाले धान के सीजन दौरान अधिकतम मांग 15000 मेगावाट रहने का अनुमान है और पावरकाम ने अपने उपलब्ध साधनों के अलावा बिजली की मांग को पूरा करने के लिए बैंकिंग, सेंटर पूल से बिजली की अधिक सप्लाई, शार्ट टर्म खरीद समझौते, पावर एक्सचेंज से रोजाना के आधार पर खरीददारी के लिए प्रबंध किए हैं।
वहीं इस साल पौंग, भाखड़ा और आरएसडी जल भंडारों में पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले क्रमवार 23.53 फुट, 34.02 फुट और 8.99 मीटर अधिक है। साथ ही ई नीलामी के जरिये कोयले की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। पछवाडा कोयला खान को चालू करने पर भी जोर दिया जा रहा है, जो पावरकाम की अपनी खुद की खान है। जिससे खेताबाड़ी ट्यूबवेलों को आने वाले पैडी सीजन में निर्विघ्न आठ घंटे बिजली सप्लाई दी जा सके।