किसान बिक्कर सिंह की फाइल फोटो
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इलाके में शनिवार को हुई मूसलाधार बारिश से यहां के एक किसान परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। बरसात के पानी में धान क्या डूबा, आहत किसान ने जहरीली वस्तु निगलकर अपनी जान दे दी। मृतक किसान पिछले दो दिन से इस बात को लेकर बेहद चिंतित था कि धान बर्बाद होने के बाद अब ठेके पर ली पांच एकड़ जमीन का ठेका कैसे चुकाएगा। पहले ही उसके सिर पर चार लाख कर्ज है। उक्त घटना भारतीय किसान यूनियन एकता (उग्राहां) के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां के गांव उग्राहां की है।
जानकारी के अनुसार गांव उग्राहां के बिक्कर सिंह (40) ने खेत में कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। मृतक किसान के पिता हरनेक सिंह तथा पत्नी चरणजीत कौर ने बताया कि बिक्कर के पास मात्र एक एकड़ जमीन थी और उसने पांच एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान की बिजाई की थी। शनिवार को तेज बारिश से धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गई। इसके कारण बिक्कर सिंह बेहद परेशान हो गया। पहले से ही उसके सिर पर चार लाख का कर्ज था। इससे दुखी होकर उसने कीटनाशक निगल ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर लाश परिजनों को सौंप दी है।
भारतीय किसान यूनियन ने सरकार के खिलाफ किया रोष प्रदर्शन
संगत दर्शन करने वाले सीएम कभी किसान दर्शन भी करें: उग्राहां
सुनाम (संगरूर)। भाकियू उग्राहां ने सरकारी अस्पताल के मोर्चरी रूम के समक्ष सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करके रोष प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां, जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला तथा ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल ने कहा कि सीएम बादल, रोजाना संगत दर्शन करके लोगों की समस्याओं को दूर करने का दावा कर रहे हैं लेकिन सीएम बादल कभी 'किसान दर्शनÓ करके किसानों की समस्याओं का निवारण करें। लंबे समय से किसान कर्ज माफ करने की मांग कर रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण रोजाना ही पंजाब में किसान मौत को गले लगा रहे हैं। किंतु सरकार के कान तले जूं तक नहीं रेंग रही है। किसानों की दुर्दशा के लिए सरकार की नीतियां ही जिम्मेदार हैं।