गांव झिल में बढ़ा डायरिया का प्रकोप, मरीजों की संख्या बढ़कर 234 पहुंची
94 नए केस सामने आए, वहीं 21 मरीज अभी भी हालत खराब होने के कारण अस्पतालों में दाखिल
गांव से पानी के सात सैंपल और स्टूल के तीन और नमूने लेकर जांच को भेजे गए
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। गांव झिल में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। वीरवार को दूसरे दिन गांव में डायरिया से बीमार 94 और नए मरीज सामने आए। इससे गांव में डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर अब 234 हो गई है। वहीं हालत गंभीर होने के कारण 21 मरीज शहर के विभिन्न अस्पतालों में दाखिल हैं। सिविल सर्जन डॉ. राजू धीर ने एसएमओ डॉ. रंजना शर्मा, जिला एपीडिमोलोजिस्ट डॉ. सुमित सिंह व डॉ. दिवजोत सिंह के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
इस मौके पर उन्होंने गांव के लोगों को अपील की कि अगर दूषित पानी की सप्लाई हो, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें। उन्होंने लोगों को दूषित पानी पीने से होने वाली बीमारियों बारे भी जागरूक किया। सीएमओ डॉ. राजू धीर ने बताया कि गांव झिल में बुधवार को पहले दिन डायरिया से 140 लोग बीमार पाए गए थे। इनमें युवाओं से लेकर बच्चे व बुजुर्ग तक शामिल थे। वीरवार को दूसरे दिन मरीजों की संख्या बढ़कर 234 हो गई है। 94 नए केस सामने आए हैं। वहीं हालत गंभीर होने के कारण इस समय 21 मरीज शहर के विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
सीएमओ ने बताया कि हालांकि अब तक कुल 32 मरीज अस्पतालों में दाखिल हुए हैं, लेकिन इनमें से 11 मरीजों को ठीक होने के बाद छुट्टी देकर घरों को वापस भेज दिया गया है। साथ ही बताया कि सेहत विभाग की टीम की ओर से गांव से वीरवार को पानी के सात सैंपल और स्टूल के तीन और नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। उधर, गांव की धर्मशाला में अस्थायी तौर पर स्थापित की गई डिस्पेंसरी में बीमार लोगों का इलाज जारी है। मरीजों की जांच के बाद उन्हें जरूरी दवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके अलावा रेफरल सुविधा के लिए एंबुलेंस समेत अन्य पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
सीएमओ ने बताया कि गांव में सेहत विभाग के कर्मचारियों की ओर से लोगों को घर-घर सर्वे के दौरान पंफलेट बांटते हुए ग्रुप मीटिंगों के जरिये डायरिया से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने बारे जागरूक किया जा रहा है। साथ ही लोगों को हाथों को बार-बार धोने, पानी उबाल कर ठंडा करके पीने, खाने-पीने वाली चीजों को ढककर रखने संबंधी भी जागरूक किया जा रहा है। जरूरतमंद लोगों में ओआरएस के पैकेटों का वितरण व पानी को शुद्ध करके पीने के लिए क्लोरीन की गोलियां बांटी जा रही हैं। लोगों को उल्टी व दस्त की शिकायत होने पर तुरंत सेहत विभाग की टीम के साथ संपर्क करने को कहा जा रहा है।