पटियाला। पंजाब के लोगों को अब खटारा बसों में सफर नहीं करना पड़ेगा। पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) ने प्राइवेट बसों की तर्ज पर अपनी सवारियों को सुविधा देने के लिए 150 कंडम बसों को अपने बेड़े से बाहर करने का फैसला लिया है। दरअसल पिछले कुछ समय के दौरान कारपोरेशन ने अपने बेड़े में बड़ी गिनती में 200 नई बसें शामिल की हैं। बावजूद इसके इन कंडम बसों को रूटों पर भेजा जा रहा था। पीआरटीसी की मैनेजिंग डायरेक्टर परनीत शेरगिल ने कहा कि 55 और नई बसें जल्द आने वाली हैं। जिससे कारपोरेशन के लिए अपने सभी रूटों को बढ़िया तरह से चलाने में आसानी होगी। साथ ही इससे सवारियों को भी सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी, तो कारपोरेशन बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर सकता है।
पीआरटीसी के बेड़े में इस समय तकरीबन 1284 बसें हैं। जानकारी के मुताबिक कारपोरेशन के बेड़ेे में इस समय करीब 250 बसें खटारा हालत में हैं। लेकिन फिलहाल कारपोरेशन ने 150 उन बसों को ही कंडम करने का फैसला लिया है, जो 15 साल से पुरानी हैं और खराब हालत में हैं। गौरतलब है कि तय नियमों के मुताबिक सात साल पुरानी और साढ़े तीन लाख किलोमीटर का सफर तय कर चुकी बस को कंडम करना होता है। लेकिन नई बसें खरीदने में पैसे की कमी और बस की हालत सही होने का हवाला देकर अकसर कारपोरेशन खटारा हो चुकी बसों को भी रूटों पर दौड़ाता रहता है। जिसे लेकर पीआरटीसी की सेवाओं पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। पिछले करीब दो-तीन महीनों के दौरान कारपोरेशन ने बैंकों से लोन लेकर अपने बेड़े में 200 नई बसें डाली हैं। नई बसें आने के बावजूद कारपोरेशन अब तक कंडम बसों को रूटों पर भेज रहा था। इसके पीछे अलग-अलग रूटों के नए परमिट लेने के कारण ज्यादा बसों की जरूरत को बताया जा रहा था। लेकिन अब कारपोरेशन ने प्राइवेट आपरेटरों को टक्कर देने का फैसला लिया है कि 250 कंडम बसों में से 150 को बाहर किया जाएगा। बाकी बसों की फिलहाल सभी रूट आसानी से चलाने के लिए जरूरी मरम्मत करा ली जाएगी। इसके बाद जल्द ही 55 और नई बसें आने वाली हैं। जरूरत पडने पर और नई बसें खरीदने पर भी कारपोरेशन विचार कर सकता है।