पटियाला में रैली को संबोधित करते अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल।
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पंजाब की सियासत में बढ़-चढ़ कर बोलने वाले नेता अधिक उत्साह में आकर मर्यादा तोड़ रहे हैं। चुनावी रैलियों और मंच पर दिखने वाली जनता को खुश करने के लिए नेताजी कुछ भी बोल रहे हैं। किसी की जुबान फिसल रही है तो कोई जानबूझ कर बड़े बोल बेाल रहा है। इस कड़ी में कोई पीछे नहीं है, फिर चाहे वह पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू हों या कैप्टन अमरिंदर सिंह या फिर शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल।
सुखबीर सिंह बादल की गुरुवार को पटियाला देहाती हलके से पार्टी उम्मीदवार जसपाल सिंह बिट्टू चट्ठा के हक में चुनावी रैली थी। इस मौके पर सुखबीर बादल ने विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जेबकतरा कह दिया। वहीं पटियाला देहाती हलके से विधायक व पंजाब के कैबिनेट मंत्री ब्रहम मोहिंदरा को ठग बता दिया। सुखबीर बादल ने कहा कि ब्रहम मोहिंदरा ठगी मार कर हलके से जीत जाते हैं, लेकिन बाद में पांच साल वह हलके के लोगों की सुध तक नहीं लेते हैं।
इस मौके पर सुखबीर ने खुलेआम धमकी दी कि उनकी पार्टी के सत्ता में आने पर अकाली दल के वर्करों व नेताओं के खिलाफ झूठे पर्चे करने वाले पुलिस अफसरों की नौकरियां जाएंगी। साथ ही जिनकी शह पर यह किया गया होगा, उन कांग्रेसियों को भी जेलों में डाला जाएगा। यह कार्रवाई सरकार बनने के बाद एक हफ्ते के अंदर की जाएगी। इससे पहले एक साक्षात्कार में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू को बंदर तक कह दिया था। जबकि सिद्धू ने मीडिया के सामने कहा था कि कैप्टन के साथ तो उनकी खुद की पत्नी सांसद परनीत कौर ही नहीं है। अगर होतीं, तो अब तक कैप्टन के पार्टी छोड़ने के बाद परनीत भी इस्तीफा दे चुकी होतीं।
निचले स्तर की है ये राजनीति-डा. टिवाणा
इस संबंध में पंजाबी यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र विभाग से सेवानिवृत डा. बलविंदर टिवाणा का कहना है कि नेताओं की तरफ से मंचों से इस तरह की गलत व अमर्यादित शब्दावली का इस्तेमाल दिखाता है कि आजकल के नेताओं का बौद्धिक स्तर कितने निचले दर्जे का है, जो खुद को सही व विरोधी को गलत दिखाने के लिए किस हद तक जा सकते हैं। इस तरह की राजनीति के पंजाब के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में इस समय राजनीति का स्तर काफी नीचे चला गया है।