पटियाला में बारिश के कारण खेतों में गल चुकी आलुओं की फसल दिखाते किसान।
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पटियाला। जिले में रुक- रुककर पड़ी बारिश की किसानों को बड़ी मार पड़ी है। पानी खड़ा होने से जहां आलू व मटर की खेती लगभग बर्बाद हो गई है, वहीं गेहूं की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। पीड़ित किसानों ने पंजाब सरकार से विशेष गिरदावरी कराके मुआवजा देने की मांग की है। उधर, जिला मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी जसवंत राय ने माना कि आलू व मटर की खेती को इस बारिश ने पूरी तरह से खत्म कर दिया है, जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसलों की बात करें, तो केवल निचले इलाकों के खेतों में ही थोड़ा बारिश का पानी खड़ा हुआ है। नुकसान ज्यादा नहीं है, क्योंकि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के विपरीत अधिक बारिश नहीं पड़ी है। इससे किसानों का बचाव हो गया।
शुतराणा हलके में ग्राम पंचायत डेरा गोबिंदपुरा के किसान बलविंदर सिंह, जसविंदर सिंह, त्रिलोक सिंह, धरमिंदर सिंह ने बताया कि उनकी 12 एकड़ आलू की फसल बारिश के पानी से गलकर पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इसके अलावा आठ एकड़ मटरों की फसल भी बरसात से खराब हो गई। किसानों ने कहा कि आलुओं की खेती 100 फीसदी बर्बाद हो गई और आधी से ज्यादा मटरों की फसल बर्बाद होने से उनका करीब 19 लाख का नुकसान हो गया है।
वहीं घग्गर दरिया के किनारे बसे गांवों करतारपुर, शादीपुर मोमियां, सधारणपुर, झील, रसौली, नाईवाला, गुलाहड़ के किसानों लखविंदर सिंह, जसकरन सिंह, होशियार सिंह, गुरशरण सिंह ने बताया कि उनकी निचली जगहों की गेहूं की फसलें पहले ही बारिश के पानी की मार में आने से पीली पड़ गई थीं। अब और बारिश पड़ने से फसलों को काफी नुकसान होने की आशंका है। पीड़ित किसानों ने सरकार से मांग की है कि खराब हुई फसलों की गिरदावरी कराके प्रभावितों को तुरंत बनता मुआवजा दिया जाए।