डापटियाला से सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने सरकार से मांग की है कि वह लोक रोष
का जबर के साथ मुकाबला करने का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिये मसले हल
करें। गांधी ने पिछले कुछ दिनों के अंदर गिरफ्तार किए सभी लीडरों के खिलाफ देशद्रोह के केस रद्द करके उन्हें फौरी रिहा करने की मांग की गई।
उन्होंने सभी पंजाबियों खास करके नौजवानों को अपील की है कि वह सरकार और दूसरी विरोधी पार्टियों की लोक विरोधी चालों से सचेत रहते हुए अपना भाईचारा मजबूत करें।
पंजाब अंदर तेजी से बदल रहे सियासी घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए सांसद डा. गांधी ने कहा कि गांव बरगाड़ी से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी शुरू होकर सरबत खालसा संपन्न होने तक की घटनाओं के बाद जो दो अहम पक्ष उभर कर सामने आए हैं, वह हैं सिमरनजीत सिंह मान की मांग और सरकार का हर तरह के विरोधियों के खिलाफ दमन चक्कर।
डॉ. गांधी ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने अपने खिलाफ विभिन्न तबकों के गुस्से को धार्मिक दिशा देकर खारिज करने का शैतानी भरा खेल खेला है। डा. गांधी ने कांग्रेसी लीडरों की सरबत खालसा में भागीदारी के साथ ही किए जा रहे विरोध को कांग्रेस का दोमुंही करार दिया है।