शनिवार को पटियाला में बेरोजगारों को आगे बढ़ने से रोकती पुलिस।
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रोजगार की मांग को लेकर सीएम के मोती महल को घेरने जा रहे बेरोजगार साझा मोर्चा के नुमाइंदों की पुलिस साथ जबरदस्त धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कई बेरोजगारों की पगड़ियां उतर गईं। इससे भड़के बेरोजगारों ने वहीं वाईपीएस चौक में ही धरना लगा दिया। बाद में पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद बेरोजगारों को तीन अगस्त की सरकार साथ पैनल मीटिंग का समय मिल गया। इस पर बेरोजगारों ने धरना समाप्त कर दिया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि अगर बैठक बेनतीजा रही, तो फिर आंदोलन तेज किया जाएगा। गौरतलब है कि बेरोजगार साझा मोर्चा में बीएड टेट पास बेरोजगार अध्यापक यूनियन, आल पंजाब 873 बेरोजगार डीपीई अध्यापक यूनियन, बेरोजगार 646 पीटीआई अध्यापक यूनियन, आर्ट एंड क्राफ्ट अध्यापक, बेरोजगार मल्टीपपर्स हेल्थ वर्कर यूनियन शामिल हैं।
तय कार्यक्रम के मुताबिक बेरोजगार साझा मोर्चा के नुमाइंदे दोपहर करीब सवा 12 बजे बड़ी संख्या में बारादरी बाग में इकट्ठा हुए। जहां से करीब डेढ़ बजे मोती महल के घेराव के लिए कूच किया, लेकिन बेरोजगारों के बड़े हुजूम को भारी पुलिस फोर्स ने बैरीकेड लगाकर वाईपीएस चौक में ही रोक लिया। बेरोजगारों के न मानने और आगे जाकर मोती महल के घेराव करने पर अड़ने कारण दोनों पक्षों में काफी धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान पांच बेरोजगारों की पगड़ियां भी उतर गईं। इससे भड़के बेरोजगारों ने वहीं वाईपीएस चौक में धरना लगा दिया। बेरोजगारों में व्याप्त रोष को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बेरोजगारों की तीन अगस्त की सरकार साथ चंडीगढ़ में पैनल मीटिंग तय करा दी। इसके बाद बेरोजगारों ने धरना समाप्त कर दिया।
इस मौके पर बेरोजगार साझा मोर्चा के प्रदेश नेताओं सुखविंदर सिंह ढिलवां, हरजिंदर सिंह झुनीर, रविंदर सिंह ने चेतावनी दी कि अगर उक्त बैठक असफल रही, तो छह अगस्त को मोती महल का पक्के तौर पर घेराव किया जाएगा। इस बार आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।