पहले से आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे पंजाब के लिए मुफ्त बिजली सुविधा भारी पड़ती नजर आ रही है। पावरकॉम ने चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में बिजली सब्सिडी की राशि 20104 करोड़ रहने का अनुमान लगाया है। इसमें 1804 करोड़ पेंडिंग सब्सिडी की दूसरी किश्त का भी शामिल रहेगा। हालांकि पावरकॉम के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि सरकार की ओर से इस साल कॉरपोरेशन को बिजली सब्सिडी का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है।
पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक अप्रैल 2023 से लेकर अब तक की बनती 7700 करोड़ की बिजली सब्सिडी सरकार की ओर से पावरकॉम को अदा कर दी गई है। पंजाब सरकार ने जुलाई 2022 में सूबे के लोगों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इस सुविधा को शुरू हए एक साल हो गया है। लेकिन यह सुविधा लगातार सरकार व पावरकॉम के लिए मुश्किलें खड़ी करती रही है।
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पिछले साल पावरकॉम को सरकार की तरफ से सब्सिडी का भुगतान समय से नहीं किया गया। इसके चलते पावरकॉम को अपने बाहर से बिजली खरीद से लेकर कोयले की खरीद व मुलाजिमों को तनख्वाह देने जैसे जरूरी खर्च पूरे करने के लिए करोड़ों के लोन उठाने पड़े। इस पर हंगामा मचा, तो सरकार की तरफ से अप्रैल 2023 में सब्सिडी जारी की गई। माहिरों के मुताबिक पंजाब की मौजूदा आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार के लिए आने वाले समय में से सब्सिडी का भुगतान बेहद मुश्किल होने की आशंका है।
20104 करोड़ में पिछले बकाया की दूसरी किश्त का 1804 करोड़ भी होगा
चालू वित्तीय साल में सरकार की तरफ से पावरकॉम को कुल 20104 करोड़ की सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा। इसमें से 18300 करोड़ इस साल की सब्सिडी रहेगी और 1804 करोड़ पिछली बकाया सब्सिडी की दूसरी किश्त का रहेगा। दरअसल पहले की सरकारों ने पावरकॉम की 9020 करोड़ की सब्सिडी का भुगतान नहीं किया था। जिसे मान सरकार ने पांच सालाना किश्तों में देने की अप्रैल 2023 में घोषणा की थी। पहली किश्त सरकार ने उसी समय अदा कर दी थी, जबकि दूसरी किश्त के ब्याज समेत बनते 1804 करोड़ इस साल दिए जाने हैं।
इस साल किस मद में कितनी बनेगी सब्सिडी
खेतीबाड़ी 7794 करोड़
घरेलू खपतकार 7405 करोड़
स्माल सप्लाई 248
मीडियम सप्लाई 363 करोड़
लार्ज सप्लाई 2489
मुफ्त होने से बढ़ रही है बिजली खपत
पंजाब में रिकार्ड तोड़ते हुए बिजली की खपत में अगस्त महीने में अब तक पिछले साल की तुलना में 18 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले महीने जुलाई में भी बिजली की खपत में तीन फीसदी की बढ़ोतरी रही है। हालांकि पावरकॉम अधिकारी इसके पीछे बीते कुछ समय से लगातार पड़ रही उमस भरी गरमी व कम बारिश को कारण बता रहे हैं, लेकिन माहिरों के मुताबिक 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा ने बिजली की खपत को काफी हद तक बढ़ाया है।
खास बात यह है कि पंजाब में इस साल एक दिन में दर्ज की गई अधिकतम बिजली की मांग ने भी बीते साल का रिकार्ड तोड़ा है। इसमें सात फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जुलाई 2022-23 में बिजली की कुल खपत 8095 लाख यूनिट रही थी, जबकि इस साल 8301 लाख यूनिट रही है, जो तीन फीसदी ज्यादा है। वहीं पिछले साल 10 अगस्त 2420 लाख यूनिट बिजली खपत रही थी और इस साल 2860 लाख यूनिट रही है। यह बीते साल की तुलना में 18 फीसदी अधिक है। पिछले साल अप्रैल से अगस्त तक एक दिन में दर्ज की गई 14311 मेगावाट की अधिकतम मांग के मुकाबले इस साल 15325 मेगावाट की मांग रही, जो सात फीसदी ज्यादा है।