पटियाला। पंजाबी यूनिवर्सिटी के फार्मास्युटिकल विज्ञान और ड्रग शोध विभाग की ओर से एक सभ्याचारक शाम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सार्थक रंगमंच की ओर से तलाक नाटक का मंचन किया गया। प्रोफेसर किरपाल कजाक द्वारा लिखित और डा. लक्खा लहिरी के निर्देशन में मंचित नाटक एक अनाथ नौजवान गुरिंदर सिंह के इर्द-गिर्द घूमता है। उसके दिल और दिमाग पर पुरुष प्रधान समाज की मनोदशा सवार है। वह अपने कालेज के समय की एक लड़की के साथ शादी रचाने का इच्छुक है।
बदलते हालात में उसकी शादी एक अनाथ लड़की से हो जाती है। इसी बीच कालेज में जान पहचान वाली लड़की का अपने पति साथ तलाक हो जाता है। जिसके बाद गुरिंदर सिंह अपनी पत्नी के चर्म रोग के बहाने उसे तलाक देने का विचार बना लेता है। नाटक की कहानी कईं तरह के मोड़ों से गुजरती दिल्ली के होटल में पहुंचती है, जहां बहुत ही काबिल वकील बुलाया गया है। वकील के होटल पहुंचने से पहले वहां एक महिला आती है, जो जिस्मफरोशी करती है।
नाटक में नया मोड़ तब आता है, जब पता लगता है कि उक्त महिला अपने कैंसर की बीमारी से जूझ रहे पति के इलाज के लिए जिस्म बेचने का गलत काम करती है। वह अपने पति को दिल से प्रेम करती है। इसका पता लगते ही गुरिंदर सिंह अपनी पत्नी को तलाक देने का फैसला बदल लेता है। इस तरह यह नाटक पति-पत्नी के आपसी संबंधों की पेचीदिगयों, प्रेम संबंधों के मानसिक तनाव और कड़वे यथार्थ के अंधेरे में रोशनी की चाहत दर्शाता है। नाटक में लक्खा लहिरी, विपुल आहूजा, कमलप्रीत, नजम, गुरदित्त, संजीव राय सभी का अभिनय शानदार रहा।