अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। सन्नौर रोड स्थित बड़ा अराई माजरा के पास करीब 600 गज सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को रोकने पहुंची निगम की टीम पर लोगों ने पत्थरबाजी की। हमलावरों ने नगर निगम की जेसीबी मशीन समेत पांच वाहनों को क्षति पहुंचाई। निगम टीम पर दवाब बनाने के लिए कब्जा करने वाले दो लोगों ने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह की धमकी दी। हालात को बेकाबू होता देख निगम टीम बैरंग लौट गई।
बाद निगम कमिश्नर आदित्य उप्पल ने तुरंत इस मामले संबंधी सीनियर अधिकारियों को अवगत करवाने के बाद एसएसपी को शिकायत दी है। लैंड शाखा प्रभारी विशाल स्याल ने बताया कि करीब दो माह पूर्व निगम ने बड़ा आराई माजरा में अवैध कब्जों के खिलाफ विशेष मुहिम चलाई थी। इस दौरान निगम की जमीन पर मालिकी संबंधी कमिश्नर के आदेश पर बोर्ड भी लगाया गया था। आरोपियों ने निगम की जमीन में लगे सूचना बोर्ड को चुराने के बाद लगभग 600 गज जमीन पर अवैध निर्माण करना शुरू कर दिया। जैसे ही इसकी जानकारी निगम को मिली तो लैंड शाखा प्रभारी सुपरिंटेंडेंट विशाल स्याल, इंस्पेक्टर मुनीष पुरी, जतिंदर कुमार प्रिंस, गुरमेल सिंह निगम के साथ पुलिस मुलाजिमों लेकर मौके पर पहुंचे। जैसे ही निगम टीम ने सरकारी जमीन पर हो रहे कब्जे को रोकने का प्रयास किया, आरोपियों ने विरोध करना शुरू कर दिया।
विरोध के बावजूद भी जब निगम टीम कब्जा हटाने की कार्रवाई रोकने को तैयार न हुई, तो कब्जा करने वालों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसके साथ ही निगम टीम पर दबाव बनाने के लिए आरोपी पक्ष के दो लोगों ने पहले से रखा डीजल अपने ऊपर डालकर आत्मदाह की धमकी देना शुरू कर दिया।
सरकारी जमीन पर कब्जे का प्रयास और सरकारी मुलाजिमों पर ड्यूटी दौरान हुई जोर-जबरदस्ती को निगम कमिश्नर आदित्य उप्पल ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत इस पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से कर दी है। संभव है कि वीरवार को अतिरिक्त पुलिस फोर्स के साथ निगम टीम घटनास्थल से कब्जा पूरी तरह से हटाकर दोबारा सूचना बोर्ड को स्थापित करेगा। इसके साथ ही जिन लोगों ने निगम मुलाजिमों के काम में बाधा बनने का प्रयास किया या और आत्मदाह की धमकी दी उनके खिलाफ भी पुलिस कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। फिलहाल कब्जा करने वालों ने निर्माण कार्य रोका हुआ था।
सरकारी रिकार्ड का हवाला देते हुए निगम के पूर्व पटवारी हरबंस सिंह का कहना है कि सन्नौर रोड से अराई माजरा की मुख्य सड़क के अंत तक दाएं हिस्से में बंधा रोड के साथ की पूरी जमीन नगर निगम की है। इस जमीन में महज एक एलीमेंटरी स्कूल है, लेकिन बाकी की जमीन पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जे कर रखे हैं।