पटियाला में फैला अफ्रीकन स्वाइन फीवर
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पंजाब में अब अफ्रीकन स्वाइन फीवर का दायरा बढ़नेे लगा है। पटियाला के चार और क्षेत्रों में सूअरों के नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद संबंधित क्षेत्रों को प्रभावित जोन घोषित कर दिया गया है। अब क्षेत्र में 10 किलोमीटर तक स्वास्थ्य विभाग निगरानी रखेगा।
पशु पालन और डेयरी विकास मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर बताया कि जिले के गांव रवास ब्राह्मणां, गंगरोला, बाबू सिंह कॉलोनी अबलोवाल और बाबा जीवन सिंह बस्ती पासी रोड पटियाला बीमारी के केंद्र के तौर पर नोटिफाई किए गए हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल ने इन स्थानों से सूअरों के सैंपलों में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि की है। इसके बाद पशु पालन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बीमारी के इन केंद्रों से 1 किलोमीटर तक के क्षेत्र को संक्रमित जोन और 1 से 10 किलोमीटर (9 किलोमीटर) तक क्षेत्र को निगरानी जोन घोषित किया है।
Animal Husbandry, Fisheries & Dairy Development Minister Laljit Singh Bhullar said that Punjab govt has declared & notified four more areas in district Patiala as African swine fever infected zones. He also urged pig farmers to cooperate with the govt for preventing the disease.
- Government of Punjab (@PunjabGovtIndia) 30 Aug 2022
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर के नियंत्रण और खात्मे के लिए राष्ट्रीय कार्य-योजना (जून 2020) के मुताबिक इन क्षेत्रों में कोई भी जिंदा, मरा हुआ सूअर (जंगली सूअरों समेत), नॉन-प्रोसेस्ड सूअर का मीट, सूअर पालन फार्म या बैकयार्ड सूअर पालन से कोई भी फीड या सामग्री, सामान संक्रमण प्रभावित जोन से बाहर नहीं ले जाया जाएगा, न ही जोन में लाया जाएगा। कोई भी व्यक्ति सूचीबद्ध बीमारी से संक्रमित किसी भी सूअर या सूअर उत्पाद को मार्केट में नहीं लाएगा और ना ही लाने की कोशिश करेगा।
कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने लोगों से अपील की है कि यह बीमारी पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलती। इस वजह से घबराने की जरूरत नहीं। यह बहुत घातक बीमारी है जिससे सावधानियां अपनाकर ही बचाव किया जा सकता है। सूअर पालकों को बीमारी की रोकथाम के लिए सरकार को सहयोग करने की अपील करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सूअर पालक दूसरे फार्मों और दूसरे स्थानों पर या जिलों में ना जाएं और सूअरों के लिए खुराक अपने फार्म पर ही तैयार करें।