पंजाब सरकार बुढ़ापा पेंशन के नियमों में बदलाव करने जा रही है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य में पेंशन के लाभार्थियों की छंटनी के दौरान 2.5 लाख में से 70 हजार फर्जी पेंशनर सामने आए थे।
अब चूंकि लोकसभा चुनाव नजदीक है लिहाजा वोट बैंक पक्का करने के लिए पंजाब सरकार नियमों में बदलाव कर बुजुर्गों को सीधा लाभ देने जा रही है और मंत्रिमंडल ने नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
पंजाब मंत्रिमंडल ने नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए नियमों के तहत दो एकड़ उपजाऊ या चार एकड़ गैर उपजाऊ भूमि के मालिकों को भी पेंशन का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा जिन बुजुर्गों के पुत्र नौकरी या फिर व्यवसाय करते हैं, अब वह भी पेंशन के हकदार होंगे। राज्य में 60 वर्ष के पुरुष और 58 वर्ष पूरी करने वाली महिलाओं को पेंशन देने का प्रावधान है।
बुढ़ापा पेंशन के लिए नियमों में किए गए फेरबदल को आगामी लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में फर्जी पेंशनधारकों से जुड़े केस को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अब नियमों में ही बदलाव को मंजूरी देकर साफ इशारा कर दिया है।
मालूम हो कि हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्यभर में पेंशनरों की वेरिफिकेशन के दौरान 2.5 लाख पेंशनरों में 70 हजार पेंशनर फर्जी पाए गए। पंजाब सरकार ने इस संबंध में हाईकोर्ट में एक रिपोर्ट भी पेश की है।
राज्य सरकार ने इन फर्जी पेंशनरों से रकम वसूली के लिए पहले नोटिस भेजा लेकिन सियासी नुकसान के गुणा भाग के बाद नियमों में फेरबदल को ही बेहतर समझा गया।