राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को मुक्तसर में एक महिला के घर पर रेड की। इस दौरान वहां माहौल गरमा गया। क्योंकि जिस महिला के घर एनआईए पहुंची थी वह मजदूर संगठन की नेता नौदीप कौर का है। वहां किसान मजूदर संगठन के लोग विरोध करने पहुंचे थे।
पंजाब के मुक्तसर में शुक्रवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दबिश दी। मुक्तसर के गांव गंधड़ में एक महिला मजदूर नेता नौदीप कौर के घर पर एनआईए की टीम ने रेड की है। सुबह करीब साढ़े पांच बजे एनआईए टीम नौदीप कौर के घर पर पहुंची और करीब साढ़े चार घंटे तक जांच करती रही। परिवार से पूछताछ करने के बाद टीम कुछ दस्तावेज व नौदीप के भाई का मोबाइल फोन साथ ले गई थी। टीम के पास सर्च वारंट नौदीप के भाई रामपाल के नाम पर था।
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गौरतलब है कि नौदीप कौर व उसका भाई रामपाल किसान आंदोलन के दौरान काफी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। नौदीप के भाई रामपाल ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे एनआइए की टीम उनके घर पर आई और घर का कोना-कोना छान मारा। टीम ने सारा सामान इधर-उधर बिखेर दिया गया। अधिकारी लखनऊ से संबंधित मामले की जांच के बारे बात कर रहे थे, जिसकी उन्हें कोई सूचना नहीं है।
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रामपाल के अनुसार सर्च वारंट उसी के नाम पर था। रेड को दौरान एनआईए की टीम ने रामपाल को थाना लक्खेवाली या चंडीगढ़ आने को कहा है। टीम उसका फोन साथ ले गई है।
रामपाल ने एक बार तो एनआईए टीम को जांच में सहयोग की बात कह दी, लेकिन साथ ही किसान व मजदूर जत्थेबंदियों को एकत्र कर लिया। जैसे ही टीम घर से जाने लगी सभी नेताओं ने उनका विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद टीम के अधिकारी वहां से आनन-फानन चले गए।
इसके बाद सभी लोग थाना लक्खेवाली के सामने धरना देने पहुंच गए। भाकियू एकता उग्राहा के नेता बिट्टू मल्लन, ब्लॉक अध्यक्ष हरफूल सिंह भागसर, नौजवान भारत सभा के नेता मंगा आजाद, कीरती किसान यूनियन के नेता बलजीत सिंह, पंजाब खेत मजदूर यूनियन नेता तरसेम सिंह खुंडे हलाल, अमरीक सिंह भागसर, पीएसयू के नेता धीरज कुमार व अन्य ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के संघर्ष को कमजोर करने के लिए किसान नेताओं पर एजेंसियों से दबाव बना रही है। इसका वे सख्त विरोध करते रहेंगे।