नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पंजाब में रुके हुए प्रोजेक्ट जल्द पूरा करने के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विभिन्न हितधारकों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया है कि दो माह के भीतर प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक पूरी जमीन का कब्जा एनएचएआई को दिलाया जाए।
एनएचएआई ने याचिका में आरोप लगाया था कि राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण मुआवजे का वितरण नहीं कर रही है और कोर्ट के निर्देशों के बावजूद पुलिस सहायता प्रदान करने में विफल रही है। राज्य के अधिकारियों के कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहने के कारण वह राष्ट्रीय स्तर व महत्व की परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में असमर्थ है। राज्य में एनएचएआई पायलट प्रोजेक्ट्स के निर्माण में संलग्न है।
हाईकोर्ट ने कहा कि दिए गए तथ्यों से स्पष्ट है कि एनएचएआई को बिना बाधा वाली जमीन का कब्जा नहीं मिलने के कारण वह इन परियोजनाओं को शीघ्रता से क्रियान्वित नहीं कर पा रहा है। एनएचएआई को बाधा मुक्त जमीन का शीघ्र अधिग्रहण कर राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं के तेजी से निष्पादन के लिए आवश्यक है।
हाईकोर्ट के विभिन्न हितधारकों को आदेश
एनएचएआई: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया लंबित परियोजनाओं की सूची एक सप्ताह के भीतर राज्य के मुख्य सचिव को सौंपेंगी।
मुख्य सचिव: यह सुनिश्चित करेंगे कि दो महीने के भीतर बाधा मुक्त जमीन का कब्जा एनएचएआई सौंपा जाए।
एनएचएआई: परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए वह भी आवश्यक कदम उठाए।
डीसी: संबंधित जिलों के डीसी यह सुनिश्चित करेंगे कि भूमि अधिग्रहण और संरचनात्मक मुआवजे के वितरण जैसे मुद्दों का समाधान तेजी से हो।
डीजीपी: यह सुनिश्चित करेंगे कि एनएचएआई को जरूरत पड़ने पर तुरंत पुलिस सहायता मिले, खासकर जब मुआवजे का निर्धारण और वितरण हो चुका हो।