गुरुद्वारे के सामने एक महिला ने सोमवार रात करीब ढाई बजे खुद को आग लगा ली। पहले तो आसपास मौजूद लोग उसे भूत समझकर डरते रहे क्योंकि महिला आग लगने के बाद करीब सात सेकेंड तक चुप रही। इस कारण सहमे लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकले।
इसके बाद जब दयालपुरा गांव में गुरुद्वारे के ग्रंथी ने अनाउंसमेंट की कि किसी ने खुद को गुरुद्वारे के बाहर आग लगा ली है, तो धीरे-धीरे लोग अपने घरों से बाहर निकले। लोगों के मौके पर पहुंचने से पहले ही महिला की मौत हो चुकी थी। वह 97 फीसदी जल चुकी थी।
मृतका की पहचान गोगी (42) पत्नी गुरमेल सिंह के रूप में हुई है। घटना के समय संगत गुरुद्वारा साहिब में सफाई का काम कर रही थी। इस घटना से गुरुद्वारा साहिब में मौजूद संगत और आसपास के लोग भयभीत हो गए। मृतका घर से ही शरीर पर तेल डालकर आई थी और उसने सबसे पहले गुरुद्वारे में माथा टेका और फिर जयकारा लगाते हुए खुद को आग लगा लिया।
आग लगने से कुछ देर बाद उसकी चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग और गुरुद्वारे में आई संगत मौके पर पहुंची लेकिन महिला पूरी तरह जल चुकी थी। कुछ समय तक तो लोगों को पहले कुछ समझ में ही नहीं आया कि वह हकीकत देख रहे हैं या कोई भूत। जब तक लोगों को समझ आता तब तक औरत की मौत हो चुकी थी।
घटना के बाद लोगों ने मामले की जानकारी मृतका के घर वालों को दी और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर पड़ोसियों से मामले संबंधित पूछताछ की और गुरुद्वारा साहिब के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। गांव के पार्षद मानविंदर सिंह ने बताया कि मृतका गोगी काफी समय से डिप्रेशन की शिकार थी।
वह अक्सर सुबह ही गुरुद्वारा साहिब या गांव के श्मशान घाट में चली जाती थी। गोगी का पति गुरमेल सिंह ट्रक चालक है जो घटना के समय बद्दी गया हुआ था। एएसआई बलजिंदर सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने बयान दर्ज करवा दिए हैं। गोगी के परिजनों का कहना है कि गोगी लंबे समय से मानसिक तौर पर परेशान चल रही थी और इस मामले में वह कोई पुलिस कार्रवाई नहीं करवाना चाहते।