जीरकपुर। चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित सिंहपुरा चौक पर कुछ माह पहले ही फ्लाईओवर बनाया गया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ माह बाद ही यहां डाली ड्रेन की स्लैब टूटनी शुरू हो गई है। इस कारण हादसे भी हो रहे हैं। हालांकि टूटी स्लैब के चारों तरफ प्लास्टिक के ड्रम रखे गए हैं ताकि लोगों को गड्ढे का दूर से ही पता चल जाए। यह ड्रम भी खुद ही हादसों का कारण बनते जा रहे हैं। कई बार रात के अंधेरे और जल्दबाजी में राहगीरों को ड्रम दिखाई नहीं देते और हादसा हो जाता है। कुछ दिन पहले कॉस्मो प्लाजा के सामने एक कार और ट्रक की आपस में टक्कर हो गई थी। सिंहपुरा चौक के फ्लाईओवर से उतरते ही स्लिप रोड पर जाने से पहले ही कट पर स्लैब टूटने के कारण ड्रम रखे हैं, उनको बचाने के चक्कर में कार-ट्रक की टक्कर हो गई थी। मैकड़ी चौक से लेकर मेट्रो मॉल तक तीन से चार जगह पर ड्रेन की स्लैब टूटी है, जबकि यह स्लैब कुछ माह पहले ही बनी है। राहगीरों की मांग है कि इसकी जांच होनी चाहिए। कुछ ही महीने में नई बनी स्लैब की हालात ऐसी क्यों हो गई है। स्लैब का कुछ हिस्सा तोड़कर उसकी रिपेयर की जा रही है। इसके अलावा जीरकपुर से डेराबस्सी जाते समय भी सिंहपुरा चौक से पहले खुली पड़ी ड्रेन के आगे भी नीले प्लास्टिक के ड्रम रखे हुए हैं ताकि कोई हादसा ना हो। इसके बावजूद रोजाना कोई ना कोई छोड़ा-बड़ा हादसा हो ही जाता है। इसका खामियाजा आम जनता और वहां से निकलने वाले राहगीरों को भुगतना पड़ता है।
सिंहपुरा चौक के जिस हिस्से की आप बात कर रहे हैं, जमीन की कमी के करण संकरा है। इस कारण फ्लाईओवर भी दो हिस्सों में बनाया गया था। अब काम जो रुका हुआ है, वह बरसात के कारण रुका हुआ है। जैसे ही बरसात खत्म होगी उस ड्रेन को बना दिया जाएगा। कुछेक जगहों पर ड्रेन में क्रेक आया था। इस कारण ड्रेन का टूटा हिस्सा तोड़कर दोबारा रिपेयर किया जा रहा है। - राहुल सोलख, अधिकारी एनएचएआई मोहाली