मोहाली। नगर निगम सीमा का विस्तार की अधिसूचना में गांव बड़माजरा को बाहर रखे जाने के फैसले के खिलाफ रविवार को गांव में भारी रोष देखने को मिला। इस निर्णय से नाराज ग्रामीणों ने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और इस फैसले को अनुचित और भेदभावपूर्ण बताया। प्रदर्शन में सुदेश कुमार, संजय, राजकुमार, पवन सिंह, राजीव, विनोद, भोले शंकर मौर्य, लक्ष्मी और रीना सहित बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि बड़माजरा को नगर निगम से बाहर रखना इलाके की अनदेखी और विकास से वंचित रखने का प्रयास है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से वे मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
सड़कें टूटी हैं, सफाई व्यवस्था बेहद खराब है, पीने के पानी की किल्लत है। जल निकासी की स्थिति हर बारिश में बदतर हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब आसपास के गांव और इलाकों को नगर निगम में शामिल किया गया है, तो बड़माजरा को जानबूझकर बाहर रखने का फैसला सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि बड़माजरा को नगर निगम में शामिल किया जाता, तो उन्हें बेहतर सड़कें, पानी-सीवर व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और अन्य नागरिक सुविधाएं मिलने लगतीं। अब उनके विकास का रास्ता एक बार फिर रुक गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बड़माजरा को नगर निगम सीमा में शामिल करने का निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को बड़ा रूप दिया जाएगा।
सीमा विस्तार जनता की जीत, बड़माजरा की लड़ाई रहेगी जारी
मोहाली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने नगर निगम मोहाली की सीमाओं के विस्तार संबंधी नई अधिसूचना को जनता की बड़ी जीत करार दिया है। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में नए इलाकों के शामिल होने से अब लोगों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी शुरू होंगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। फेज-1 स्थित कार्यालय में रविवार को धन्यवाद के लिए पहुंचे बड़ी संख्या में लोगों को संबोधित करते हुए सिद्धू ने कहा कि यह फैसला उन लोगों की हार है, जिन्होंने अपने स्वार्थों के कारण लंबे समय तक निगम सीमा विस्तार के प्रस्ताव को अटकाए रखा।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी जो अधिसूचना जारी की गई थी, उसमें जानबूझकर बड़माजरा, बलौंगी और टीडीआई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बाहर रखा गया था। सिद्धू ने कहा कि जनता के रोष और असंतोष को देखते हुए सरकार को अब नई अधिसूचना जारी करने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बड़माजरा गांव को अभी भी निगम में शामिल नहीं किया गया है, इसे जोड़ने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि नई अधिसूचना के तहत निगम में शामिल इलाकों को अब सीवरेज, पानी, बिजली जैसी मानक शहरी सुविधाएं मिलेंगी। इससे न केवल जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि लोगों को निजी बिल्डरों की मनमानी और शोषण से भी राहत मिलेगी। संवाद