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बाजारों के सौंदर्यीकरण पर बवाल, मामला पहुंचा सीएम के एडवाइजर तक

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मोहाली। नगर निगम की ओर से करोड़ों की लागत से शहर की मार्केटों के सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। फुटपॉथ बनाने, लाइट्स से लेकर नई ग्रिल समेत कई काम करवाए जा रहे हैं।
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इसी मामले को लेकर मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के दुकान मालिकोें की ओर से एक पत्र सीएम के एडवाइजर, नगर निगम कमिश्नर और गमाडा के सीए को लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि इस दौरान मार्केट में पांच काम ऐसे करवाए जा रहे हैं, जिनको करवाने की जरूरत ही नहीं है, इतना ही नहीं इनसे आने वाले समय में दुकानदारों को दिक्कत उठानी पड़ेगी। इसलिए इस दिशा में तुरंत कार्रवाई की जाए, जिससे दुकानदारों को कोई दिक्कत न उठानी पड़े।
मिली जानकारी के मुताबिक दुकानदारों ने अपने पत्र में कहा है कि शोरूम और पार्किंग में डेढ़ फुट का प्लींथ लेवल निर्धारित है। लेकिन अब फुटपॉथ और पार्किंग का प्लींथ लेवल बिल्कुल बराबर हो गया है। ऐसे में जरा सी बारिश होने पर मार्केटों में जलभराव की समस्या आएगी और शोरूमों के अंदर तक पानी चला जाएगा, जिससे लोगों को दिक्कत उठानी पड़ेगी।
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दूसरा उन्होंने बताया कि दुकानों की छतों से जो पानी आता था, पहले वह सीधा फुटपॉथ से होते हुए पार्किंग में चला जाता था। लेकिन अब छत से आने वाले पानी को अंडरग्राउंड पाइप डालकर आगे ले जाने की तैैयारी में है, जो कि गलत है। अगर भविष्य में पानी की पाइप लाइन ब्लॉक हो जाए, तो दुकानदारों को तो परेशानी आएगी ही साथ में इसे ठीक करने में काफी समय लग जाएगा।
नई रेलिंग की जरूरत नहीं, इससे हादसों का खतरा
दुकानदारों की ओर से लिखे गए पत्र में मार्केट में लगाई जा रही नई रेलिंग पर सवाल उठाया गया है। उनका कहना है कि जो पहले सिंपल रेलिंग लगी थी, वह काफी बढ़िया थी। इससे हादसे का कोई डर नहीं था। वहीं जो रेलिंग अब लगाई जा रही है उसके किनारे नुकीले हैं और यह महंगी भी है। इस ग्रिल को बदलने के लिए किसी दुकानदार ने कभी मांग तक नहीं की थी।
ठीकठाक लगे पत्थर को बदलकर बर्बाद किए जा रहे पैसे
दुकानदारों ने अपने पत्र में कहा है कि पुराने लाल पत्थर को हटाकर मार्केट में नया लाल पत्थर लगाया जा रहा है। वह भी किसी स्थिति में जायज नहीं है। जब पहले लगा पत्थर बिलकुल ठीकठाक है तो यह सीधे ही पैसे की बर्बादी है। ऐसे में इस चीज पर रोक लगाई जानी चाहिए।
हाईमास्ट लाइट लगी हैं तो क्यों लगा रहे फैंसी लाइट्स
दुकानदारों ने अपने पत्र में साफ लिखा है कि बाजारों में जब हाई मास्ट लाइट लगी हुई हैं। तो दूसरी फैंसी लाइट लगाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि एक तो इससे बिजली की खपत ज्यादा होगी। दूसरा इससे हादसों का भी डर है। जबकि पहले की पूरी व्यवस्था ठीक चल रही है। उन्होंने अधिकारियों को इसमें दखल देकर कार्रवाई करने की मांग की है।
क्या कहते व्यापारी
नेताओं की नहीं दुकानदारों की सुने निगम
दूसरी तरफ मोहाली व्यापार मंडल के प्रधान विनीत वर्मा का कहना है कि नगर निगम को दुकानदार हर साल करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में देते हैं। ऐसे में दुकानों के काम करते समय पूर्व पार्षदों या नेताओं की न सुनें, बल्कि मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधानों की राय को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने इस संबंधी पहले भी एक पत्र निगम अधिकारियों को लिखा था। अब यह दूसरा पत्र लिखा गया है।
लोगों के पैसे व्यर्थ न गवाएं निगम
इससे पहले इस मामले में कई संस्थाओं की अगुवाई करने वाले पुडा के रिटायर्ड एक्सईएन एनएस कलसी भी नगर निगम और गमाडा के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। उनका कहना है कि फेज-5 में जो बाजार के सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। उसमें लोगों की खून पसीने की कमाई व्यर्थ खर्च की जा रही है। क्योंकि यहां कई काम इस दौरान ऐसे किए जा रहे हैं, जिनकी जरूरत ही नहीं है। इस काम पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
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