मोहाली। शहर में कूड़ा प्रबंधन को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। मंगलवार को सेक्टर-78 में सफाई ठेकेदार ने कूड़े से भरी 15 ट्रॉलियां मेयर के घर के पास खुली जगह में खड़ी कर दीं। इससे गुस्साए मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने चेतावनी दी है कि यदि शहर के लिए डंपिंग ग्राउंड की उपयुक्त जगह तय नहीं की गई, तो वे मजबूरन कूड़े से भरी ट्रॉलियों को डीसी ऑफिस के बाहर खड़ा कर देंगे।
मेयर सिद्धू ने मौके पर पहुंच कर कहा कि शहर में इस समय करीब 15 ट्रॉलियां कूड़े से भरी खड़ी हैं, लेकिन इन्हें उठाने या निपटाने की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही। मोहाली का कूड़ा प्रबंधन सिस्टम कई महीनों से अस्त-व्यस्त है। निजी ठेकेदारों और प्रशासन के बीच खींचतान के कारण शहर का कूड़ा उठना रुक गया है। वहीं, अस्थायी डंपिंग साइटों पर भी गंदगी के ढेर लग चुके हैं। सफाई कर्मचारियों और ट्रॉली चालकों का कहना है कि उनके पास कूड़ा डालने के लिए कोई जगह नहीं है।
ठेकेदार ललित ने कहा कि हमारे पास कोई जगह नहीं है। सरकार कहती है कि जगह दे दी है। कई कर्मचारियों ने यह भी दावा किया कि जब वे कूड़ा डालने के लिए निर्धारित जगह पर जाते हैं, तो वहां बंदूक लिए खड़े लोग उन्हें अंदर नहीं जाने देते और उनका पीछा करते हैं। इस कारण कई बार उन्हें अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ता है।
डपिंग ग्राउंड बंद, आरएमसी पॉइंटों से भी नहीं उठ रहा है कूड़ा
डंपिंग ग्राउंड बंद होने और आरएमसी (रिसाइकल मैनेजमेंट सेंटर) पॉइंटों से कूड़ा न उठने के कारण शहर के लगभग हर सेक्टर और मार्केट क्षेत्र में गंदगी के ढेर लग गए हैं। इससे लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। दूसरी और शाहीमाजरा में लगाया गया निस्तारण प्लांट भी लोगों के विरोध के बाद से बंद पड़ा है। जगतपुरा में जो प्लांट है वहां पर क्षमता से अधिक काम नहीं हो रहा है। जिस कारण शहर में समस्या आ रही है।