डाक्टर ने कहा- बेबी फीड के बाद दूध हजम बेहद करवाना जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। गांव मनौली में वीरवार को सांस नली में दूध फंसने से दो माह की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की पहचान कविता के रूप में हुई है। उसकी मां ने बच्ची को सुबह करीब दस बजे अपना दूध पिलाने के बाद बेड पर लिटा दिया था। करीब एक घंटे बाद बच्ची ने दूध की उल्टी कर दी, जिसका माता-पिता को कुछ देर बाद पता लगा। जब उन्होंने बच्ची को देखा तो उसे सांस लेने में दिक्कत आ रही थी। वह आनन-फानन में बच्ची को सिविल अस्पताल फेज-6 ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृतक घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची की सांस की नली में दूध फंसने से उसे सांस नहीं आया, जिस कारण उसकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार बेबी फीड के बाद बच्ची को दूध हजम करवाना और डकार दिलाना जरूरी था।
मामला गांव मनौली का है। यहां रहने वाली अरविंद ने बताया कि वीरवार को सुबह करीब दस बजे वह घर पर मौजूद था। उसकी पत्नी काजल ने दो माह की बेटी कविता को अपना दूध पिलाया। दूध पिलाने के बाद वह बच्ची को बेड पर लिटाकर अपने काम में व्यस्त हो गई और वह भी कमरे में अपने किसी काम में व्यस्त हो गया। कुछ देर बाद जब बच्ची पर ध्यान गया तो उसके मुंह से दूध निकल रहा था और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इस पर वह घबरा गए और फौरन बच्ची को लेकर फेज-6 सिविल अस्पताल में पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बताया कि सांस नली में दूध फंसने से बच्ची की मौत हो गई है।
पहली संतान थी कविता
बता दें कि कविता अपने मां-बाप की पहली संतान थी। बच्ची के पिता क्रेन चलाने का काम करते है, जो कड़ी मेहनत कर उसके उज्वल भविष्य के लिए पैसा जोड़ रहे थे। मां बाप को क्या पता था कि एक छोटी सी लापरवाही के चलते वह अपने कलेजे के टुकड़े को खो देेंगे। अस्पताल में पिता ने बच्ची का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया था। उनका कहना था कि वह मासूम बच्ची का पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते। वह मृतक कविता के शव को अपने पैतृक गांव बरेली ले गए हैं। वहीं, उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।