कुराली-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित रेलवे फ्लाईओवर पर रविवार देर रात दो बसों की भिड़ंत हो गई। भिड़ंत के बाद बेकाबू हरियाणा रोडवेज की फरीदाबाद डिपो की बस फ्लाईओवर का किनारा तोड़कर लटक गई। हादसे में तीन सवारियां बस से निकलकर करीब 30 फीट नीचे सर्विस लेन पर जा गिरीं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इनकी पहचान कुलविंदर सिंह वासी जालंधर, रंजना मोरिंडा जिला कांगड़ा और तरलोक चंद निवासी पालमपुर के रूप में हुई है।
हादसे की आवाज सुनकर इलाके के लोग और राहगीर इकट्ठा हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस की टीमें भी 12.10 बजे तक तक घटनास्थल पर पहुंच गई। लोग व छोटे बच्चे मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन बस कहीं गिर न जाए इस बात का भी सबको डर सता रहा था। पुलिस ने बस को सीधा करने के लिए क्रेन का इंतजाम किया। बस ज्यादा आगे झुकी होने कारण एक अन्य क्रेन को मदद के लिए बुलाया। इसके बाद दो हाइड्रो क्रेन ने मिलकर बस को सीधा किया और सवारियों का सामान बाहर निकाला। फिर एंबुलेंस और बसों से आगे भेजा गया।
कुराली अस्पताल में भर्ती कमलेश ने बताया कि वह मोरिंडा (जिला कांगड़ा) से दिल्ली जा रहे थी। ड्राइवर बस बड़ी तेज चला रहा था। उसे कई बार लोगों ने समझाया था कि वह धीरे चले लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। हादसे में हमारे परिवार के नौ लोग जख्मी हुए जबकि एक (रंजना अरोड़ा) की मौत हो गई। वहीं सुषमा गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती है।
कंचन ने बताया कि वह पालमपुर से दिल्ली जा रहे थे। चालक काफी तेजी से बस चला रहा था। रास्ते में दो-तीन बार लोगों ने उसे टोका कि बस धीरे चलाए लेकिन वह किसी की सुन नहीं रहा था। इसके अलावा वह मोबाइल भी चला रहा था। ऐसे में लोग मानकर ही चल रहे थे कि वे सुरक्षित अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज को ऐसे बस चालकों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दोबारा किसी और को दिक्कत न उठानी पड़े।
हादसे के बाद बस मे फंसे लोग बचाने के लिए आवाजें लगा रहे थे। अंधेरा होने की वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा था। ऐसे में इलाके के स्थानीय लोग देवदूत बने। हादसे में घायल दीपक ने बताया कि इस दौरान स्थानीय लोग घायलों को पानी पिला रहे थे। कोई उनके कीमती सामान को उनके पास पहुंचा रहा था।
हादसे में हरियाणा रोडवेज की बस में सवार लोगों में से अधिकतर डेराप्रेमी थे। वे दिल्ली में एक अन्य डेराप्रेमी की के भोग में शामिल होने जा रहे थे। इस हादसे में जान गंवाने वाली रंजना अपने पीछे सात साल का एक बच्चा छोड़ गई है। वह परिवार के अन्य सदस्यों सहित दिल्ली जा रही थी। बाकी सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के समय रंजना का बच्चा और पति घर पर थे।