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मोहाली में हादसा: दो बसें आमने-सामने टकराईं, फ्लाईओवर से 30 फीट नीचे गिरीं सवारियां, तीन की मौत, 25 घायल

Mon, 09 May 2022 03:11 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली

सार

हरियाणा रोडवेज के फरीदाबाद डिपो की बस ने पालमपुर से दिल्ली जा रही थी। वहीं राधा स्वामी सत्संग वालों की बस मोहाली से जालंधर जा रही थी। तेज रफ्तार हरियाणा रोडवेज की बस ने कार को ओवरटेक करने की कोशिश की। चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया और उसने सामने से आ रही राधा स्वामी सत्संग वालों की बस में सीधे टक्कर मार दी।
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हादसे में क्षतिग्रस्त बस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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कुराली-चंडीगढ़ हाईवे पर स्थित रेलवे फ्लाईओवर पर रविवार देर रात दो बसों की भिड़ंत हो गई। भिड़ंत के बाद बेकाबू हरियाणा रोडवेज की फरीदाबाद डिपो की बस फ्लाईओवर का किनारा तोड़कर लटक गई। हादसे में तीन सवारियां बस से निकलकर करीब 30 फीट नीचे सर्विस लेन पर जा गिरीं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इनकी पहचान कुलविंदर सिंह वासी जालंधर, रंजना मोरिंडा जिला कांगड़ा और तरलोक चंद निवासी पालमपुर के रूप में हुई है।

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हादसे में 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को पीजीआई, सेक्टर-32, फेज-छह मोहाली अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। लोगों का आरोप है कि ड्राइवर लापरवाही व फोन पर बात करते हुए बस चला रहा था। पुलिस ने हरियाणा रोडवेज के चालक मुकेश कुमार के खिलाफ धारा-279, 304-ए और 337 तहत केस दर्ज करके अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।

कुराली रेलवे फ्लाईओवर पर यह हादसा रविवार 12 बजे हुआ। हरियाणा रोडवेज के फरीदाबाद डिपो की बस ने पालमपुर से दिल्ली जा रही थी। वहीं राधा स्वामी सत्संग वालों की बस मोहाली से जालंधर जा रही थी। इस दौरान तेज रफ्तार हरियाणा रोडवेज की बस ने एक कार को ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया और उसने सामने से आ रही राधा स्वामी सत्संग वालों की बस में सीधे टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बसें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि सत्संग वाली बस में सवार श्रद्धालुओं में से कोई हताहत नहीं हुआ।
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हादसा इतना भयंकर था कि हरियाणा रोडवेज की बस पूरी तरह घूम गई और फुटओवर ब्रिज की रेलिंग को तोड़ते हुए हवा में लटक गई। इस दौरान लगे झटके में बस की खिड़कियां और दरवाजे खुल गए और बस में सो रही तीन सवारियां कुलवंत सिंह, तरलोक चंद और रंजना नीचे सर्विस लेन पर जा गिरे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल सरिता देवी, शारदा, सुरिंद्र सिंह, प्रिंस, भास्कर, कुलवंत, नसीब कुमार, सुभाष चंद्र, राजेश कुमार, दशरथ, शाम, नीलम अरोड़ा, चंद्र प्रकाश, कमलेश, पूनम, अलका, राजबीर कुमार, कृष्ण लाल, शीला और मुकेश को अस्पताल पहुंचाया। दूसरी ओर कुलवंत सिंह और त्रिलोक चंद के परिजन पुलिस कार्रवाई के बिना ही शव ले गए।

क्रेन से बस सीधी की, एबुलेंस और बसों से घायल भेजे

हादसे की आवाज सुनकर इलाके के लोग और राहगीर इकट्ठा हो गए। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस की टीमें भी 12.10 बजे तक तक घटनास्थल पर पहुंच गई। लोग व छोटे बच्चे मदद के लिए चिल्ला रहे थे लेकिन बस कहीं गिर न जाए इस बात का भी सबको डर सता रहा था। पुलिस ने बस को सीधा करने के लिए क्रेन का इंतजाम किया। बस ज्यादा आगे झुकी होने कारण एक अन्य क्रेन को मदद के लिए बुलाया। इसके बाद दो हाइड्रो क्रेन ने मिलकर बस को सीधा किया और सवारियों का सामान बाहर निकाला। फिर एंबुलेंस और बसों से आगे भेजा गया। 

परिवार के नौ सदस्य हुए जख्मी, एक की हुई मौत

कुराली अस्पताल में भर्ती कमलेश ने बताया कि वह मोरिंडा (जिला कांगड़ा) से दिल्ली जा रहे थी। ड्राइवर बस बड़ी तेज चला रहा था। उसे कई बार लोगों ने समझाया था कि वह धीरे चले लेकिन वह कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था। हादसे में हमारे परिवार के नौ लोग जख्मी हुए जबकि एक (रंजना अरोड़ा) की मौत हो गई। वहीं सुषमा गंभीर हालत में पीजीआई में भर्ती है।  

कई बार धीरे चलने को कहा पर ड्राइवर नहीं माना

कंचन ने बताया कि वह पालमपुर से दिल्ली जा रहे थे। चालक काफी तेजी से बस चला रहा था। रास्ते में दो-तीन बार लोगों ने उसे टोका कि बस धीरे चलाए लेकिन वह किसी की सुन नहीं रहा था। इसके अलावा वह मोबाइल भी चला रहा था। ऐसे में लोग मानकर ही चल रहे थे कि वे सुरक्षित अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाएंगे। उन्होंने बताया कि हरियाणा रोडवेज को ऐसे बस चालकों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि दोबारा किसी और को दिक्कत न उठानी पड़े।

स्थानीय लोग बने देवदूत

हादसे के बाद बस मे फंसे लोग बचाने के लिए आवाजें लगा रहे थे। अंधेरा होने की वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा था। ऐसे में इलाके के स्थानीय लोग देवदूत बने। हादसे में घायल दीपक ने बताया कि इस दौरान स्थानीय लोग घायलों को पानी पिला रहे थे। कोई उनके कीमती सामान को उनके पास पहुंचा रहा था। 

हादसे में घायल अधिकतर डेराप्रेमी थे

हादसे में हरियाणा रोडवेज की बस में सवार लोगों में से अधिकतर डेराप्रेमी थे। वे दिल्ली में एक अन्य डेराप्रेमी की के भोग में शामिल होने जा रहे थे। इस हादसे में जान गंवाने वाली रंजना अपने पीछे सात साल का एक बच्चा छोड़ गई है। वह परिवार के अन्य सदस्यों सहित दिल्ली जा रही थी। बाकी सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे के समय रंजना का बच्चा और पति घर पर थे।

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