जीरकपुर। मुथूट फाइनांस के रीजनल मैनेजर के घर से 30 तोले सोना और 20 हजार की नगदी लूटने के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य तीन आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 29 वर्षीय कप्तान उरम कपिल निवासी सिकरी थाना बोपा मुजफ्फरनगर (यूपी) के रुप में हुई है। कप्तान इन दिनों सेक्टर-45 (बुडैल) के कुम्हार मोहल्ले के नजदीक बिलाल मस्जिद के पास मकान नंबर-1663 में किराए पर रह रहा था। इसके अलावा 31 वर्षीय नसीम अहमद निवासी गांव छपार जिला मुजफ्फरनगर (यूपी) और 30 वर्षीय जावेद अहमद निवासी गांव सिकरी थाना बोपा जिला मुजफ्फरनगर यूपी के रूप में हुई है। नसीम अहमद इन दिनों जीरकपुर में गुरदेव नगर पभात में मकान नंबर-204 में किराए पर रह रहा था। पत्रकारों से बातचीत में डीएसपी अमरोज सिंह ने बताया कि इस वारदात में छह लोग शामिल थे। इसमें से तीन आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस यूपी में छापा मार रही है। एसएचओ ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से कुछ ज्वेलरी, एक रिनॉल्ट फ्लूनस कार, एक चंडीगढ़ नंबर की बाइक बरामद की है। उन्होंने बताया कि अभी तक पूरी बरामदगी नहीं हो पाई है।
पैसे पूरे नहीं मिलने के कारण थी रंजिश
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कप्तान ने रीजनल मैनेजर जयदेव के घर चार पहले लकड़ी का काम किया था। जयदेव ने 27 हजार के तय रेट में से 7 हजार रुपये की पेमेंट नहीं दी थी। इसके बाद एक ओर काम दिया गया। उसकी भी पूरी पेमेंट नही दी गई। झूठे लारे लगाकर काम करवाया। रंजिश लिए कप्तान ने अपने अन्य साथियों से इस बात का जिक्र किया और मुथूट के रीजनल मैनेजर जयदेव को लूटने का प्लान बनाया। कप्तान ने जब जयदेव के घर कारपेंटर का काम किया था तब उसे लगा कि जयदेव मुथूट में रीजनल मैनेजर है। इस कारण उसके घर में काफी कैश रखा हो सकता है। उसने इस प्लान में छह लोगों को शामिल किया। दो लोग पटियाला मेन रोड पर रिनॉल्ट फ्लूनस गाड़ी में बैठे रहे जबकि चार लोग बाइक पर जयदेव के घर वारदात को अंजाम देने पहुंचे। उन्होंने गन प्वाइंट पर जय देव गोयल की पत्नी नरेश गोयल, बेटा कपिल गोयल और कामवाली बाई को बंधक बनाकर 50 लाख रुपये की मांग की। जब तलाशी ली तो उन्हें घर से 30 तोले सोना, जिनमें गोल्ड क्वाइन और 20 हजार रुपये कैश मिले। जीरकपुर पुलिस ने इस लूट के मामले में 22 जुलाई मामला दर्ज कर चार लोगों को नामजद किया था। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई तो मामले में छह आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आई। बाद में दो ओर आरोपियों को इस मामले में नामजद किया गया।