जीरकपुर। शहर जीरकपुर के साथ-साथ ट्राइसिटी के लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने वाली है। जीरकपुर-अंबाला हाईवे पर मैकडी चौक की रिंग रोड पर फ्लाईओवर बनाने का काम रविवार को शुरू कर दिया गया है। इस फ्लाईओवर के बनने जहां जीरकपुर के लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी वहीं ट्राइसिटी के लोगों को दिल्ली आने-जाने के लिए जाम में नहीं फंसना पड़ेगा और आसानी से आ-जा सकते हैं। क्योकि दिल्ली, हरियाणा और अन्य राज्यों में जाने के लिए चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली के राहगीर इसी हाईवे से गुजरते हैं। इतना ही नहीं हिमाचल प्रदेश का ट्रैफिक भी इसी रास्ते से दिल्ली के लिए जाता है।
यह फ्लाईओवर का प्रोजेक्ट डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा और इस प्रोजेक्ट पर करीब 48 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। जीरकपुर में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम मैकडी चौक, सिंघपुरा चौक, पटियाला रोड पर होता है। यह फ्लाईओवर सिंघपुरा और मैकडी चौक के जाम को बिल्कुल खत्म कर देगा। जिससे पूरे शहर में जाम से राहत मिल जाएगी, क्योंकि यहीं दो प्वाइंट ऐसे हैं, जहां वाहन रोड क्रॉस करते हैं और साथ ही यहां पर फूड आउटलेट और डी-मार्ट भी है। यहां पर भारी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है।
सिंघपुरा और मैकडी चौक प्वाइंट पर बनेगा अंडरब्रिज
यह फ्लाईओवर जीरकपुर के बेस्ट प्राइस के सामने से शुरू किया जाएगा और सिंघपुरा चौक से थोड़ा आगे जीबीपी सैंट्रम के ऑफिस तक बनाया जाएगा। उसके बाद मैकडी चौक लाइट प्वाइंट से शुरू होकर घग्गर पुल से पहले 300 मीटर पहले खत्म कर दिया जाएगा। यह फ्लाईओवर दो पार्ट में बनाया जाएगा। वहीं दूसरी ओर इसमें दो अंडरब्रिज बनाए जाएंगे। जिसमें सिंघपुरा चौक और मैकडी चौक पर भी अंडरब्रिज बनाया जाएगा। रिंग रोड की क्रासिंग पर लाइट्स लगाई जाएंगी, जिससे मोहाली से पंचकूला को जाने वाले वाहनों और चंडीगढ़ से अंबाला जाने वाले वाहन रेड लाइट्स पर रुककर आगे जा सकेंगे।
यहां बीच में फ्लाईओवर नहीं बनाए जाने संबंधी एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि यहां बीच में फ्लाईओवर इसलिए नहीं बनाया जा रहा है, क्योंकि भविष्य में मोहाली से पंचकूला जाने के लिए फ्लाईओवर बनाया जा सकता है।
दो हिस्सों में बनेगा फ्लाईओवर
इस नेशनल हाईवे पर 48 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसमें फ्लाईओवर को दो हिस्सों में बनाया जाना है और सिंघपुरा चौक और मैकडी चौक पर अंडरपास बनाया जाएगा। जिसे डेढ़ साल में पूरा कर दिया जाएगा। फ्लाईओवर बनाने के लिए जो भी एन्क्रोचमेंट आएगी उसे सख्ती से हटा दिया जाएगा, ताकि प्रोजेक्ट को समय पर पूरा किया जा सके।
-प्रदीप अत्रि, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई।