डेराबस्सी। युवाओं की जिंदगी में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों की भी बहुत महत्ता है। जिससे खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर युवा खिलाड़ी शहर और देश का नाम रोशन कर सकें। लेकिन डेराबस्सी क्षेत्र में प्रशासन इस ओर बिल्कुुल भी गंभीर नहीं है। यहां पर कोई खेल मैदान या स्टेडियम नहीं है। इस कारण खेलों में रुझान रखने खले युवाओं को निराश होकर घर बैठना पड़ रहा है या उनको साथ के बड़े शहर चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के खेल मैदानों में जाकर अभ्यास करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर यहां की बरवाला रोड पर स्थित शहर के इकलौते इंडौर खेल स्टेडियम की हालत काफी समय से खस्ता हुई पड़ी है। इस ओर नगर काउंसिल कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस वजह से यहां पर रुटीन में खेलने वाले खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भारी रोष पाया जा रहा है। शहर निवासी लंबे समय से नगर काउंसिल से इस स्टेडियम की हालत सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक यह पहली बार नहीं है, जब यह स्टेडियम काउंसिल की बेरुखी का शिकार हुआ है, बल्कि इससे पहले भी कई बार इसकी हालत बदतर हो चुकी है। इसके पीछे मुख्य कारण नगर काउंसिल की ओर से इसकी नियमित देखरेख न करना है। शहरवासियों की मांग पर नगर काउंसिल ने कुछ समय पहले ही करीब 13 लाख रुपये खर्च करके इसकी हालत में सुधार किया था। लेकिन इसकी नियमित देखरेख न होने के कारण कुछ ही महीनों में स्टेडियम की हालत फिर से बदहाल होने लगी थी। अब तो हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि बारिश के दिनों में छतों से पानी की तेज धार टपकती है। इससे नीचे बने लकड़ी का बैडमिंटन का कोट बुरी तरह से टूट चुका है। यहां पर साफ सफाई के पूरे प्रबंध नहीं हैं। यहां पर साफ-सफाई का उचित प्रबंध न होने के कारण गंदगी के जगह-जगह ढ़ेर लगे हुए हैं। यहां बने कमरों में रद्दी के कागजात भरे पड़े हैं। यहां पूरा दिन बदबू उठती रहती है। लाखों रुपये खर्च करके बनाएं गए शौचालय में गंदगी फैली हुई है। देखभाल न होने पर शौचालय में लगा सामान पूरी तरह से टूट चुका है। वर्षों से लाखों रुपये का जेनरेटर शोपीस बनकर रह गया है।
टपकती छत ठीक नहीं की तो मिट्टी हो जाएंगे लाखों रुपये
इस संबंधी संपर्क करने पर यहां पर रुटीन में खेलने वाले खिलाड़ियों में गगनदीप, सुनील सैनी, विक्रमजीत, हरप्रीत सिंह सहित अन्य ने बताया कि नगर काउंसिल के ईओ से लेकर अन्य कई अधिकारियों से कई बार वह अपने अपने स्तर पर मिले और स्टेडियम की दुर्दशा के बारे में जानकारी दी। लेकिन आज तक किसी अधिकारी ने इस ओर देखने की जहमत तक नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की समस्या के हल के लिए स्टेडियम की छत की मरम्मत करने की मांग की गई है, लेकिन वह इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। छत से पानी टपकने के कारण पानी से बैडमिंटन का कोट पूरी तरह तबाह हो गया है। उन्होंने रोष प्रकट करते हुए कहा कि अगर छत की मरम्मत नहीं हुई तो यहां पर खर्च किए गए लाखों रुपये मिट्टी हो जाएंगे। संवाद
नगर काउंसिल ने खुलवाया श्रम विभाग का कार्यालय
खिलाड़ियों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इस स्टेडियम को लेकर नगर काउंसिल के अधिकारी कितने गंभीर हैं। इसका अंदाजा इससे ही लगता है कि काउंसिल की ओर से स्टेडियम लेबर इंस्पेक्टर का ऑफिस खोलने की इजाजत देकर स्टेडियम की पहचान खत्म करने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि लेबर इंस्पेक्टर के ऑफिस में कई बार लोगों की संख्या अधिक होने पर बैडमिंटन के मैदान पर उनको बैठाया जाता है। खेल स्टेडियम में लेबर इंस्पेक्टर का दफ्तर खुलवाकर नगर काउंसिल ने खिलाड़ियों की भावनाओं को आहत किया है। जिससे सभी में भारी रोष पाया जा रहा है और उन्होंने स्टेडियम में खोले लेबर इंस्पेक्टर दफ्तर को बंद करने की मांग की है।
सरकारी कॉलेज के ैदान में होती हैं प्रतियोगिताएं
डेराबस्सी में खेल मैदान न होने के कारण प्रशासन की ओर से सभी खेल प्रतियोगिताएं और अन्य कार्यक्रम सरकारी कॉलेज के खेल मैदान में करवाए जाते हैं। पंजाब सरकार की ओर से हर साल करवाए जाने वाले खेल मेले का आयोजन भी सरकारी कॉलेज में ही करवाया जाता है। इस खेल मैदान की देखरेख की ओर भी प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। बल्कि इस खेल मैदान की देखरेख मॉर्निंग वॉक क्लब की ओर से की जाती है।
कोट्स
डेराबस्सी के खेल स्टेडियम की खराब हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। अगर खेल स्टेडियम में खामियां हैं तो इसका पता लगाने के लिए मौके पर स्टेडियम का जायजा लेने के लिए जेई को भेजा जाएगा। इसके बाद इसकी हालत को सुधारने को लेकर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। -राजेश पथरिया, ईओ, नगर काउंसिल।
कोट्स
युवाओं की जिंदगी में खेलों का अहम योगदान रहता है। इसके लिए कम से कम एक खेल मैदान होना बहुत जरूरी है। बरवाला मार्ग पर स्थित इंडोर स्टेडियम की खस्ता हालत का मामला ध्यान में आने के बाद जल्द ही काउंसिल अधिकारियों को इसकी हालत सुधारने की हिदायत दी जाएगी। -हिमांशु गुप्ता, एसडीएम, डेराबस्सी।
कैपशन-बरवाला मार्ग पर स्थित शहर के इकलौते इंडोर स्टेडियम का खस्ता हालत ब्यान करती तस्वीरें।