मोहाली। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि सीबीआई को पंजाब के उन आईएएस अधिकारियों से पूछताछ करनी चाहिए जो कि प्रदेश की आबकारी नीति बनाने के लिए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मिलने गए थे। वह सोमवार को सेक्टर-76 स्थित जिला अदालत में ड्रग तस्करी से जुड़े मामले में पेश होने आए थे। अदालत ने अब अगली सुनवाई की तारीख 7 नवंबर तय की है।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब की आबकारी नीति भी दिल्ली में बैठकर बनाई गई है। ऐसे में बिल्कुल साफ है कि जैसे दिल्ली की नीति बनाई गई है, वैसे ही पंजाब की नीति बनाई गई है। इस मौके पर मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में आप की सरकार बनने के बाद यह आबकारी नीति आने वाले चुनाव के लिए पैसा इकट्ठा करने के लिए लाई गई है। मनीष सिसोदिया को महाराणा प्रताप का वंशज बताने पर मजीठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी का काम सिर्फ लोगों को मूर्ख बनाना है। इस पर लोगों को ज्यादा विश्वास नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह पॉलिसी सही होती तो सरकार इसे वापस क्यों लेती। इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए। इससे पहले जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। साथ ही चरनजीत सिंह चन्नी राज्य के मुख्यमंत्री थे और उनकी सरकार में तीन महीनों में एक हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। साथ ही पूरा पैसा दिल्ली पहुंचा है। खुराक एवं सप्लाई विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राकेश कुमार सिंगला को नौकरी से बर्खास्त करने के मामले में उन्होंने कहा कि इसका पर्दाफाश उन्होंने 2020 में किया था। उन्होंने उस समय ही कहा था कि सिंगला विदेश चला जाएगा। क्योंकि उसके पास विदेश की नागरिकता है। लेकिन फिर भी उसे हटाया नहीं गया, बल्कि सिंगला को प्रमोशन दी गई।