फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरड़ को कजौली वाटर वर्क्स से पानी मिलने का रास्ता हुआ साफ, सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव

विज्ञापन
विज्ञापन
खरड़। नगर परिषद की वीरवार को हुई बैठक में कई दिनों से लटक रहा कजौली वाटर वर्क्स से पानी की सप्लाई का मामला पार्षदों की लंबी बहसबाजी के बाद नगर परिषद प्रधान जसप्रीत कौर लोंगिया ने स्वीकार कर लिया। लेकिन इस प्रस्ताव को पास करने के लिए उन्होंने कुछ शर्तें बैठक में रखी। जिसे विरोधी पार्षदों ने मान लिया। इस बैठक में खरड़ के विकास के लिए तकरीबन 45 करोड़ रुपये के अन्य प्रस्ताव भी रखे गए। इस बैठक के बाद कजौली वाटर वर्क्स पाइपलाइन सप्लाई को खरड़ से जोड़ने में आ रही अड़चनें खत्म हो गई है।
विज्ञापन

इस बैठक में विरोधी गुट के कांग्रेसी पार्षद राजवीर सिंह राजी, गोबिंदर सिंह चीमा औ हरिंदरपाल सिंह जौली ने पानी के मुद्दे पर बुलंद आवाज के साथ बहस करते हुए कहा कि शहरवासियों को आ रही पानी की दिक्कत को देखते हुए कजौली वाटर वर्क्स पाइपलाइन को तुरंत जोड़ने के लिए काम शुरू होना चाहिए। इस मुद्दे पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस प्रस्ताव को लेकर अकाली दल और कांग्रेसी पार्षदों में देर तक बहस होती रही, लेकिन अंत में नगर परिषद प्रधान जसप्रीत कौर लोंगिया ने कुछ शर्तों के साथ इस प्रस्ताव को सर्व सम्मति से पास कर दिया। नगर परिषद प्रधान ने यह शर्त रखी कि इस प्रोजेक्ट में जितनी रकम पंजाब सरकार लगाएगी, उतनी ही रकम नगर परिषद जमा करवाएगी। उन्होंने यह शर्त भी लगाई कि इस प्रोजेक्ट का उस समय तक कोई भी व्यक्ति उद्घाटन या शिलान्यास नहीं करेगा, जब तक यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो जाता।
इस पर कुछ पार्षदों ने एतराज जताया, लेकिन पार्षद जौली ने कहा कि हमें सरकार पर विश्वास करना ही पड़ेगा। इसके अलावा अन्य प्रस्तावों में परिषद के कर्मचारियों की मांगों के आधार पर कई प्रस्ताव पास किए गए। जबकि ईपीएफ के लिए पैरवी करने के लिए एक वकील नियुक्त करने का प्रस्ताव भी पास किया गया। नगर परिषद की प्रधान के लिए नई गाड़ी खरीदने का प्रस्ताव भी पास किया गया। क्योंकि पहली गाड़ी किसी अन्य अफसर के पास चली गई। शहर के वार्डों में डंपिंग ग्राउंड संबंधी फैसला हुआ कि जिस पार्षद के क्षेत्र में जो सरकारी जगह खाली है, वहां इसके लिए प्रबंध किए जा सकते है।
विज्ञापन

इसी दौरान पार्षद गोबिंदर सिंह चीमा ने मांग की है कि उनके गांव जंडपुर की जमीन वाटर सप्लाई के लिए करीब 60 करोड़ रुपये में दी जा रही है। इसलिए उनके गांव में बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान बनाया जाए। गांव हरलालपुर में पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल लगाने का प्रबंध किया जाए। परंतु यह प्रस्ताव पहले ही पास हुआ है। पार्षद राजवीर सिंह राजी ने मांग की है कि निज्जर रोड से लेकर छज्जूमाजरा रोड तक सड़क को पूरी तरह बनाया जाए, क्योंकि इस रोड़ पर ज्यादा आवाजाही रहती है। इसी दौरान पार्षद नीलम कुमारी ने मांग की है कि उनके 23, 24, 25 वार्ड में पाने वाले पानी के लिए पाइपलाइन डालने का ऐस्टीमेट पास किया जाए। पार्षद सोहन सिंह छज्जू माजरा ने कहा कि शहर में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करने वाले कर्मचारियों की कमी है, भर्ती की जाए। पार्षद राजवीर सिंह राजी ने बिल्डरों से नगर परिषद के बकाया अरबों रुपये की वसूली की मांग की। इस पर प्रधान ने स्पष्ट किया कि देनदारी वाले बिल्डरों के नक्शे रोके जाएं।
पार्षद जसलीन कौर ने कहा कि उनके वार्ड के लिए बहुत कम रकम पास की गई है, जबकि लिखकर भी दिया है। पार्षद विनीत जैन ने मांग की है कि खरड़ शहर में शवों को रखने के अस्पताल की मोर्चरी में फ्रिजों का इंतजाम होना चाहिए। इस मौके पर परिषद प्रधान ने कहा कि सभी पार्षदों को शहर के विकास के लिए सहयोग देना चाहिए। इस बैठक में हलका विधायक कंवर संधू, पार्षद और नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संगीत आहलूवालिया, विनय महाजन एक्सईएन, हरप्रीत सिंह भयौरा एसडीओ, अमित दुरेजा एसडीओ, अनिल कुमार और राजेश जेई के अलावा हरदर्शन सिंह सैनेटरी इंस्पेक्टर भी मौजूद थे।
प्रोजेक्ट पर होगा इतना खर्च
वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड के एसडीओ ने बैठक में कजौली वाटर वर्क्स के बारे में सरकार द्वारा पास किए गए प्रस्ताव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कजौली वाटर वर्क्स से खरड़ शहर को 5 एमजी पानी और मोरिंडा के लिए एक एमजी पानी दिया जा रहा है। खरड़ के लिए करीब 47 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है। कजौली वाटर वर्क्स के लिए आधा पैसा सरकार देगी और आधा पैसा संबंधित नगर परिषद देगी। 2023 तक शहर की आबादी करीब ढाई लाख हो जाएगी। उस समय तक पानी की जरूरत 8 एमजी तक हो जाएगी। उन्होंने कजौली वाटर वर्क्स प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।
जनहित विकास कमेटी ने दिया धरना
जनहित विकास कमेटी खरड़ ने कजौली वाटर वर्क्स के मुद्दे को लेकर नगर परिषद प्रधान के उदासीन रवैये के विरोध में नगर परिषद के बाहर वीरवार को धरना दिया। पार्टी के सदस्यों का कहना है कि पानी की कमी शहर की मुख्य समस्या है तथा इसकी हर किसी व्यक्ति को जरूरत है। इसलिये इस प्रस्ताव को राजनीति से ऊपर उठकर सभी सदस्यों को सर्व स मति से पास कर देना चाहिए। अपने प्रदर्शन के दौरान सभी कांग्रेसी पार्षद इनके धरने में शामिल होकर जनहित विकास कमेटी द्वारा जारी मांग पत्र को जाते हुए बैठक में साथ ले गए। जबकि अकाली दल के सभी पार्षद व प्रधान इस धरने को नजरअंदाज करते हुए सीधे अंदर चले गए। जनहित विकास कमेटी के सदस्य बैठक के बाद में नगर परिषद के अंदर चले गए और अपना मांग पत्र नगर परिषद प्रधान जसप्रीत कौर लोंगिया को सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें