मोहाली। अपनी मांगों को लेकर पिछले चार दिन से पानी की टंकी पर बैठी बेरोजगार पीटीआई शिक्षिका ने रविवार को मरणव्रत की घोषणा कर दी। दूसरी ओर, मामले की सूचना पाकर पुलिस के बड़े अधिकारी देर शाम शिक्षिका को मनाने पहुंचे। लेकिन शिक्षिका ने तब तक अपना व्रत न तोड़ने की घोषणा की है, जब तक 646 बेरोजगार पीटीआई शिक्षकों को मेरिट सूची के आधार पर नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर दिए जाते। बता दें कि 2011 से अपनी सरकारी नौकरी की नियुक्ति को लेकर दर-दर भटक रहे बेरोजगार पीटीआई टीचर यूनियन के सदस्यों ने वीरवार से एयरपोर्ट रोड पर स्थित गांव सोहाना के पास धरना लगाकर पक्का मोर्चा लगा दिया था। वहीं, चार अध्यापक सिप्पी शर्मा, इकबाल सिंह, करनैल सिंह और रजिंदर सिंह गांव की जर्जर हालत की वजह से बंद पड़ी पानी की टंकी के ऊपर चढ़ने में कामयाब रहे। इनमें से महिला शिक्षिका सिप्पी शर्मा की शनिवार को तबीयत अचानक खराब हो गई और इसका वीडियो मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल करके पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी तक पहुंचाया गया था।
एसपी और डीएसपी क्रेन की मदद से टंकी पर चढ़े
जानकारी के मुताबिक जिला पुलिस के एसपी हरविंदर सिंह विर्क और डीएसपी मनवीर सिंह (हेडक्वार्टर) पानी की टंकी पर चड़कर बैठे प्रदर्शनकारियों को मनाने के लिए पहुंचे। लेकिन टंकी पर चढ़ने के लिए कोई साधन न होने के कारण एक क्रेन मौके पर मंगवाई गई। देर शाम क्रेन की मदद से एसपी हरविंदर सिंह विर्क और डीएसपी मनवीर सिंह टंकी पर पहुंचे और महिला शिक्षिका सिप्पी शर्मा के साथ मुलाकात की। पुलिस अधिकारियों की ओर से सिप्पी शर्मा को सोमवार सुबह मेरिट लिस्ट जारी करने के आश्वासन की सूचना दी गई। लेकिन सिप्पी शर्मा ने पुलिस अधिकारियों के आश्वासन को ठुकरा दिया और अपना मरणव्रत जारी रखा।
इसके अलावा पुलिस अधिकारियों की ओर से पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के पीए से सिप्पी शर्मा की बात भी करवाई गई, इसके बावजूद सिप्पी शर्मा अपनी मांग पर अड़ी रही। दूसरी ओर, लगातार कोशिशों के बाद जब सिप्पी शर्मा नहीं मानीं तो हारकर पुलिस अधिकारी चले गए। बेरोजगार पीटीआई टीचर यूनियन के प्रधान गुरलाभ सिंह ने बताया कि सिप्पी शर्मा ने मरणव्रत की घोषणा की है और सोमवार को उच्चाधिकारियों के साथ उनकी बैठक रखी है।