10 दिन की रीडिंग में पाया गया अंतर, भाकियू सिद्धुपुर ने लगाए गंभीर आरोप
कहा- राज्य सरकार के इशारे पर लोगों को दिया जा रहा धोखा
संवाद न्यूज एजेंसी
बनूड़। गांव शंभू कलां में राज्य सरकार और पावरकॉम द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटर और सामान्य मीटर में 10 दिन में 91 यूनिट का अंतर आने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी देते हुए भारतीय किसान यूनियन सिद्धुपुर के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने गांव शंभू कलां निवासी अमर सिंह के घर के बाहर लगे स्मार्ट बिजली मीटर को दिखाते हुए कहा कि करीब दो माह पहले आटा चक्की का बिजली मीटर खराब हो गया था। इसके बाद पावरकॉम अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाया।
इसके बाद आटा चक्की मालिक ने एक अच्छी कंपनी का मीटर खरीदा और स्मार्ट मीटर के पास सब मीटर लगाया। शुक्रवार को जब उन्होंने 10 दिन बाद मीटर की रीडिंग चेक की तो स्मार्ट मीटर की रीडिंग सब मीटर से 91 यूनिट ज्यादा थी। किसान नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के इशारे पर पावरकॉम के अधिकारी स्मार्ट मीटर लगाकर राज्य के लोगों को धोखा दे रहे हैं।
पावरकॉम के अधिकारियों ने दी घेराव की चेतावनी
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री सभी लोगों को प्रति माह 600 यूनिट मुफ्त दे रहे हैं, लेकिन वे स्मार्ट मीटर के माध्यम से राज्य के लोगों को धोखा दे रहे हैं। लुधियाना के तहत आते एक गांव का भी दौरा किया, जहां स्मार्ट मीटर से 419 यूनिट और सामान्य मीटर से 209 यूनिट पाई गई। किसान नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार और पावरकॉम के अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर लगाना बंद नहीं किया तो लोग पावरकॉम के अधिकारियों का घेराव करेंगे।
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन सिद्धुपुर के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल 14 दिसंबर को लुधियाना के गांव सराभा में होने वाली कॉन्फ्रेंस के लिए फ्लैग मार्च के लिए आसपास के गांवों में आए थे, तभी उनके ध्यान में यह मामला लाया गया। इस मौके पर संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष मान सिंह राजपुरा, ब्लॉक मोहाली अध्यक्ष तरलोचन सिंह नडयाली, भूपिंदर सिंह नडयाली, गुरप्रीत सिंह नडयाली, अवतार सिंह बड़ी समेत कई अन्य संगठन नेता व ग्रामीण मौजूद थे।