जीरकपुर। शहर में करोड़ों रुपये की लागत के साथ बनाई बस स्टैंड की इमारत खंडहर बनती जा रही है। वहीं सवारियों को बसों को पकड़ने के लिये सड़कों के किनारे जान को जोखिम में डाल कर बसें पकड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही प्रशासन की ओर से सवारियों को धूप और बारिश से बचाने के लिए शेल्टर तक का प्रबंध नहीं है। इस कारण सवारियों को भारी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
जानकारी के मुताबिक कालका चौक के नजदीक पांच करोड़ रुपये की लागत के साथ बस अड्डे का निर्माण किया गया था। उस समय बस अड्डे के लिए जगह का चुुनाव करने में भारी लापरवाही बरतते हुए भीड़ भाड़ वाली जगह पर पर इसका निर्माण कर दिया। जिस कारण अब बस स्टैंड शोपीस बन कर रह गया है। जिसमें कोई बस नहीं रुकती।
बस स्टैंड में बसें दाखिल न होने के कारण शहर में सवारियों को अलग अलग जगह खड़ा होकर बसें पकड़नी पड़ती है। जानकारी के मुताबिक पटियाला जाने वाली सवारियां पटियाला चौक के पास सड़क के किनारे खड़ी होती है। पंचकूला जाने वाली सवारियां बस स्टैंड के पास खड़ी होती है। इसी तरह चंडीगढ़ अंबाला मुख्य मार्ग पर बसें पकड़ने के लिए सवारियों के लिए कोई पक्की जगह नहीं है। बल्कि सवारियां अपनी सुविधा के अनुसार अलग अलग जगह खड़ी होती है। हालांकि प्रशासन ने चंडीगढ़ अंबाला मुख्य मार्ग पर सेठां दा ढाबा के पास सवारियों के खड़े होने के लिए क्यू शेल्टर का निर्माण किया हुआ है। लेकिन यह ऐसी जगह बना दिए है, जहां सारी बसें नही रुकती। इसके अलावा यहां खड़ी होनी वाली सवारियों के हिसाब से काफी छोटे है। जिस कारण सवारियां सड़कों के किनारे खुले में खड़ी रहती है। इस कारण सवारियों को गर्मी व बरसात के मौसम में भारी दिक्कत आती है।
शहर निवासियों ने प्रशासन से शहर में उचित जगह पर बस स्टैंड का निर्माण करने व इसके निर्माण तक सवारियों के खड़े होने के लिए बस क्यू शेल्टर की बनाने की मांग की है।
इस बारे में संपर्क करने पर एसडीएम डेराबस्सी कुलदीप बावा ने कहा कि जल्द ही जीरकपुर में सवारियों के खड़े होने के लिए उचित प्रबंध करवाए जाएंगे और लोगोें की इस परेशानी का हल किया जाएगा।
कैप्शन -पटियाला चौंक पर बिना किसी शेड़ के सवारियां बसों के इंतजार में परेशान होती हुई।