लांडरां / बनूड़। बनूड़ से राजपुरा जाने वाले नेशनल हाईवे पर स्थित नीलम अस्पताल के सामने किसान यूनियन आजाद की ओर से लगाया जा रहा धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को पीड़ित परिवार और किसान संगठन नीलम अस्पताल के मेन गेट के सामने बैठ गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। धरने को संबोधित करते हुए करनैल सिंह लंग, गुरदेव सिंह गज्जू माजरा और अन्य किसानों ने कहा कि फगन माजरा निवासी बहादुर सिंह की पत्नी अमरजीत कौर की अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण अस्पताल में मौत हो गई। वे इस बारे में कई बार पुलिस अधिकारियों से मिले और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कहा लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद वे अस्पताल के मेन गेट के सामने बैठ गए और सरकारी अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर्स, राज्य सरकार और पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ नारे लगाए। किसानों के अस्पताल के मेन गेट के सामने बैठने के बाद डीएसपी राजपुरा मंजीत सिंह, इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह, पुलिस स्टेशन राजपुरा सिटी और कई दूसरी पुलिस पार्टियां मौके पर पहुंच गई थीं। पुलिस प्रशासन और प्रदर्शनकारी किसानों के बीच तीखी बहस हुई और किसान अस्पताल के गेट के सामने धरना देने पर अड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन पर अस्पताल मैनेजमेंट का पक्ष लेने का आरोप लगाया। इसके साथ ही
पीडि़त परिवार को इंसाफ नहीं तो करेंगे हाईवे जाम
प्रदर्शनकारियों ने ऐलान किया कि अगर अस्पताल मैनेजमेंट ने पीड़ित परिवार को इंसाफ और 10 लाख रुपये का मुआवजा नहीं दिया तो वे कल नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन और अस्पताल मैनेजमेंट की होगी।
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लांडरां / बनूड़। पुलिस अधिकारी अस्पताल के गेट के सामने नारे लगाते हुए किसानों और प्रदर्शनकारियों से बात करते हुए